पिथौरागढ़ केएनयूजीआईसी के पास बना दिव्यांग आवासीय विद्यालय। संवाद
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ केएनयू जीआईसी में करोड़ों की लागत से बनाए गए दिव्यांग विद्यालय के उद्देश्यों की पूर्ति नहीं हुई। विद्यालय भवन बनने के बाद एक दिन भी इसमें विद्यालय का संचालन नहीं हुआ। वर्तमान में इसमें सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित किया जा रहा है।
नन्ही परी सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज के मामले में हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने के बाद केएनयू जीआईसी भी चर्चाओं में आ गया है। इसका कारण है कि वर्तमान में केएनयू जीआईसी में ही इंजीनियरिंग कॉलेज का संचालन किया जा रहा है। इसी परिसर में दिव्यांगों के लिए वर्ष 2007 में बने दिव्यांग आवासीय विद्यालय का आज तक संचालन शुरू नहीं हुआ है।
इस परिसर में करीब आठ साल तक नवोदय विद्यालय चला। इसके बाद वर्तमान में सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज का संचालन किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि जिस उद्देश्य से दिव्यांग आवासीय विद्यालय बनाया गया वह उद्देश्य पूरा होना चाहिए।
कोट
किन कारणों से दिव्यांग विद्यालय का संचालन नहीं हो पाया, इसकी जानकारी जुटाई जाएगी। इस संबंध में केएनयू जीआईसी के प्रधानाचार्य से भी बात की जाएगी। - अशोक कुमार जुकरिया, सीईओ पिथौरागढ़।