कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करतीं देवत गांव की महिलाएं
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अवैध खनन की मार झेल रहे जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव देवत के लोगों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। गांव के लोगों ने शनिवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने गांव को बचाने के साथ ही प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की।
देवत पुरचौड़ा के सामाजिक कार्यकर्ता अमित बम के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे लोगों ने गांव को खतरे से बचाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम एसके पांडेय को देते हुए कहा कि गांव के ऊपर की पहाड़ी से एक साल भीतर दो बार बोल्डर गिर चुके हैं। दोनों बार आवासीय मकानों को क्षति पहुंची है। 3 जनवरी को गांव में गिरे बोल्डर से दो महिलाएं घायल हो गई थीं।
मकानों को भारी क्षति पहुंची है। ये मकान रहने लायक नहीं रह गए हैं, साथ ही अन्य मकानों के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। इन लोगों ने गांव की सुरक्षा के लिए सुरक्षा दीवार लगाने के साथ ही खनन क्षेत्र में पौधरोपण करने की मांग की है। प्रदर्शन में महिलाओं की संख्या अधिक थी।
कई महिलाएं फफक कर रो पड़ीं
पिथौरागढ़। देवत गांव पर मंडराए खतरे से गांव के लोग परेशान हैं। देवत को बचाने की गुहार के लेकर कलक्ट्रेट पहुंचीं कई महिलाएं एसडीएम के सामने फफक कर रो पड़ी। महिलाओं का कहना था कि गांव को बचाने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो गांव तबाह हो जाएगा। इन लोगों ने प्रशासन से देवत के लोगों पर मंडराए संकट को गंभीरता से लेने की मांग की।
प्रभावित परिवारों को तात्कालिक सहायता दी जा रही है। खतरे की जद में आए परिवारों को शिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है। देवत की पहाड़ी का भूगर्भीय सर्वे कराया जाएगा।
-संतोष कुमार पांडेय, एसडीएम सदर।