जिला स्तरीय सरपंच गोष्ठी में पहुंचे वन सरपंचों ने वन विभाग कार्यालय पर नारेबाजी कर खूब हंगामा किया। वन विभाग के कर्मचारी भी सरपंचों के गुस्से को चुपचाप झेलते रहे।
जिले के दूरदराज के क्षेत्रों से करीब तीन सौ सरपंच शनिवार को जिला स्तरीय सरपंच गोष्ठी में प्रतिभाग करने पहुंचे थे। सरपंचों को विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि गोष्ठी तो शुक्रवार को विकास भवन में हो गई है। वन विभाग में प्रभागीय वनाधिकारी भी मौजूद नहीं थे। इस पर सरपंचों का पारा चढ़ गया और उन्होंने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। आक्रोशित सरपंचों का कहना था कि उन्हें शनिवार को गोष्ठी की जानकारी दी गई थी। यदि गोष्ठी हो गई है तो उनमें कौन सरपंच मौजूद रहे, इसके बारे में बताया जाए।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर मनमानी का भी आरोप लगाया। कहा कि वह लोग दूरदराज के क्षेत्रों से बारिश एवं सड़कें बंद होने के बावजूद अपना समय और धन बर्बाद करके जिला मुख्यालय पहुंचे, लेकिन यहां उन्हें गोष्ठी पूर्व में ही होने की सूचना से मायूसी हुई। उन्होंने विभाग पर गुमराह करने का भी आरोप लगाया। इस दौरान जगत सिंह महरा, लक्ष्मण सिंह रौतेला, नीरज सिंह, कुंवर सिंह, प्रकाश चंद, होशियार सिंह, नवीन चंद्र धारियाल, सुुुुभाष सिंह, फकीर राम, भगवान सिंह, बबीता देवी, चंद्रकला आगरी, प्रयाग दत्त पांडेय, धन सिंह, त्रिलोक सिंह, राजेंद्र प्रसाद, रूप सिंह, देव सिंह, उदय सिंह डसीला आदि थे।