अवैध खनन के लिए लंबे समय से चर्चा में रहे राड़ीखूटी क्षेत्र में सक्रिय खननकर्ता अब नदी के तट तक सड़क बनाने की तैयारी में लग गए हैं। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने डीएम से कहा है कि तत्काल इस मामले की जांच करेंगे। डीएम विनोद गिरी ने लोनिवि के अधिशासी अभियंता से कहा है कि इस मामले में तत्काल सख्त कार्रवाई अमल में लाएं।
क्षेत्र के कई पंचायत प्रतिनिधियों और आम लोगों ने पिछले दिनों जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी भट्ट के नेतृत्व में देहरादून जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र में कहा गया कि राड़ीखूटी क्षेत्र में सक्रिय खननकर्ता सरयू के तट तक 400 मीटर सड़क बनाने का प्रयास कर रहे हैं। कहा गया है कि रामेश्वर में पौराणिक धार्मिक स्थल हैं।
इस कारण वहां पर खनन की अनुमति नहीं दी जाती लेकिन अवैध खननकर्ताओं द्वारा लगातार इस तरह की हरकत को अंजाम दिया जा रहा है। अब तो यह भी कोशिश हो रही है कि नदी के तट तक ही सड़क बना ली जाए।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और सड़क निर्माण की कोशिश में लगे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार या प्रशासन ने सड़क बनाने की अनुमति दी तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। क्षेत्र की जनता विरोध में आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।