तिब्बत की मंडी तकलाकोट पहुंचे सीमांत के व्यापारियों को उम्मीद है कि अक्तूबर में व्यापार की गतिविधि तेज हो सकती है। इधर, भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार की अवधि 31 अक्तूबर को समाप्त हो जाएगी। ऐसी स्थिति में व्यापारियों ने मांग की है कि व्यापार की अवधि नवंबर प्रथम सप्ताह तक बढ़ाई जाए।
तिब्बत की मंडी तकलाकोट से भारत-तिब्बत व्यापार समिति के सचिव दौलत सिंह रायपा ने फोन पर बताया कि तिब्बत की मंडी टेंचू और खासा से व्यापारी सामान की खरीददारी के लिए हर साल अक्तूबर में तकलाकोट मंडी आते हैं। ऐसे में यह उम्मीद है कि अक्तूबर में व्यापार बढ़ेगा।
तकलाकोट में इस समय सीमांत के 150 व्यापारी पहुंचे हैं। वह अपने साथ मुख्य रूप से गुड़, मिश्री, रेडीमेड कपड़े, खिलौने, स्टील के बर्तन लेकर गए हैं। रायपा ने बताया कि अब तक के व्यापार को संतोषजनक नहीं कहा जा सकता, क्योंकि हर व्यापारी के पास अभी भी काफी सामान बचा हुआ है।
रायपा ने भारत सरकार के वाणिज्य और विदेश मंत्रालय से मांग की है कि व्यापार की अवधि सात नवंबर तक बढ़ाई जाए। यदि 31 अक्तूबर से आगे व्यापार की अवधि नहीं बढ़ी तो व्यापारियों को 25 अक्तूबर को तकलाकोट मंडी छोड़नी पड़ जाएगी।
तकलाकोट मंडी से व्यापारी नेता दौलत सिंह रायपा ने बताया तकलाकोट में आर्थिक मंदी का असर अभी भी है। चीन में चल रही आर्थिक मंदी के कारण व्यवसाय पर असर पड़ा है। चीन ने बाहरी खर्च पर रोक लगा दी है। लोग भी आर्थिक मंदी के चलते धन खर्च करने में सावधानी बरत रहे हैं।