तहसील प्रशासन ने रूस के एक पर्यटक को भी मिलम ग्लेशियर जाने की अनुमति नहीं दी है। चार दिन से अनुमति मिलने के इंतजार में बैठे रूसी पर्यटक इगोर का कहना है कि वह अब वापस लौटने की तैयारी में हैं। इससे पहले चार विदेशी पर्यटक अनुमति न मिलने के कारण लौट गए थे। प्रशासन इस कारण अनुमति नहीं दे रहा है कि यदि किसी पर्यटक के साथ किसी प्रकार की दिक्कत हो गई तो प्रशासन मुसीबत में पड़ जाएगा।
पिछले दिनों एसडीएम विवेक प्रकाश ने यह तर्क दिया था कि मिलम जाने वाला रास्ता खराब होने के कारण वहां जाने के लिए पर्यटकों और ट्रैकरों को अनुमति नहीं दी जा सकती। इस मामले में ट्रैकिंग से जुड़ी संस्थाओं ने विरोध भी जताया था। बाद में लोनिवि के अवर अभियंता महेंद्र वर्मा ने एसडीएम को जानकारी दी थी कि मिलम तक का रास्ता ठीक हालत में है। उसमें कहीं पर भी कोई दिक्कत नहीं है। इससे पहले पोलैंड के पर्यटक पीटर मार्टस मिलम जाने की अनुमति न मिलने के कारण यहां से लौट गए थे। उसी दौरान रूस के दो पर्यटकों को भी प्रशासन ने मिलम जाने की अनुमति नहीं दी थी।
इस मामले में मोनाल संस्था के सचिव सुरेंद्र पंवार का कहना है कि प्रशासन को ट्रैकिंग के लिए स्पष्ट गाइडलाइन तैयार करनी चाहिए, ताकि यहां के पर्यटन व्यवसाय पर असर न पड़े। उनका कहना है कि पिछले साल तक बड़ी संख्या में पर्यटकों को मिलम जाने की अनुमति मिलती थी, लेकिन इस बार अड़ंगा लगाया जा रहा है।