ग्रामीण डाकसेवकों ने 10 मार्च से चली आ रही हड़ताल शनिवार को समाप्त कर दी है। चंपावत और पिथौरागढ़ जिले के सभी 353 ग्रामीण डाकघरों में कामकाज शुरू हो गया है। बताया गया है कि शासन ने हड़ताल समाप्त करने के बाद ही मांगों पर विचार करने के लिए कर्मचारियों पर दबाव बनाया था। शनिवार से सभी डाकघरों में डाक वितरण का काम शुरू हो गया और बचत और निकासी का काम भी होने लगा है।
अखिल भारतीय ग्रामीण डाकसेवक संघ के परिमंडलीय मंत्री कैलाश चंद्र कापड़ी ने बताया कि ग्रामीण डाकसेवकों को सातवें वेतन आयोग के दायरे में लेने के लिए 24 मार्च को दिल्ली के डाक भवन में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। बैठक में सरकार कर्मचारियों के पक्ष में कोई फैसला जरूर ले लेगी। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्या को देखते हुए अधिकांश कर्मचारी हड़ताल समाप्त करने के पक्ष में थे। वित्तीय वर्ष का अंतिम महीना होने के कारण इस समय काम भी ज्यादा रहता है। उन्होंने कहा कि सभी डाकघरों में कामकाज शुरू हो गया है, लेकिन मांग पूरी कराने के लिए सरकार पर लगातार दबाव बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने यदि मांग पूरी नहीं की तो फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
चंपावत के डाक कर्मचारी संघ के नेता चंद्रभान मेहरा का कहना है कि सकारात्मक वार्ता के बाद डाक कर्मी काम पर लौट आए हैं। जिले के 73 ग्रमीण डाक केंद्रों के 204 कर्मियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया था। इसी के साथ शनिवार से गांवों में डाक वितरण सेवा शुरू हो गई है।