पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के लिए केंद्र सरकार से मिली आरटीपीसीआर मशीन पिछले दो माह से कोविड अस्पताल बनाए गए बेस अस्पताल में धूल फांक रही है। आधी मशीन को स्टॉल करने का कार्य पूरा हो गया है, लेकिन आधी मशीन स्टॉल नहीं हो पाई है। इस मशीन के स्थापित होने के बाद माइक्रोबायोलॉजिस्ट (मेडिकल) की आवश्यकता भी होती है, लेकिन सीमांत जिले में माइक्रोबायोलाजिस्ट भी नहीं है।
सीमांत जनपद में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने कोरोना सैंपलों की जांच के लिए दो माह पूर्व आरटीपीसीआर (वास्तविक समय रिवर्स प्रतिलेखन पॉलीमरेज श्रृंखला प्रतिक्रिया) मशीन भेजी थी। इस मशीन के साथ डीप फ्रिज और ऑटोक्लेव मशीन को स्टॉल करने का कार्य पूरा कर दिया गया है। लेकिन दिल्ली से टीम के नहीं पहुंचने के कारण ये मशीन आधी ही स्टॉल हो पाई है। आरटीपीसीआर मशीन के संचालन के लिए माइक्रोबॉयोलाजिस्ट (मेडिकल) और पैथोलॉजिस्ट की जरूरत है। पैथोलॉजिस्ट जिले में पहले से ही मौजूद हैं, लेकिन माइक्रोबायोलॉजिस्ट नहीं हैं। जिस कारण इस मशीन के संचालन में अभी काफी समय लग सकता है। पिथौरागढ़ से कोविड के सैंपल आरटीपीआर जांच के लिए 220 किमी दूर एसटीएच हल्द्वानी जा रहे हैं जिस कारण कोविड रिपोर्ट आने में चार दिन का समय लग जाता है। आरटीपीसीआर मशीन के आने के बाद लोगों को यहीं कोविड जांच सैंपलों की उम्मीद थी लेकिन लोगों की उम्मीदों के आगे स्वास्थ्य विभाग खरा नहीं उतर पाया है। वरिष्ठ व्यापारी नवल किशोर रावल ने शीघ्र आरटीपीसीआर मशीन को शुरू करने की मांग की है।
आरटीपीसीआर मशीन को शुरू करने में क्या समस्याएं आ रही हैं इसकी जानकारी सीएमओ स्तर उन्हें नहीं मिली है। आरटीपीसीआर मशीन के संचालन के लिए जो भी जरूरतें हैं उसके लिए शीघ्र दिल्ली से टीम को भेजा जाएगा। माइक्रोबायोलॉजिस्ट को भेजने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
- अजय टम्टा, सांसद पिथौरागढ़ अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र।
आरटीपीआर मशीन आधी ही स्टॉल हो पाई है। मशीन को स्टॉल करने के लिए दिल्ली से टीम नहीं पहुंच पाई है। मशीन के संचालन के लिए माइक्रोबायोलॉजिस्ट (मेडिकल) की आवश्यकता होती है। मशीन स्टॉल करने और माइक्रोबायोलॉजिस्ट को भेजने की मांग को लेकर लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
- डॉ. एचसी पंत, सीएमओ, पिथौरागढ़।