पिथौरागढ़। जिले में आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए विद्यार्थी नहीं मिल रहे हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि आधा सत्र बीतने के बाद भी 33 फीसदी सीटें अब भी रिक्त हैं। तीन चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दो बार फिर से पोर्टल खोला गया। इसके बाद भी विद्यार्थियों ने निशुल्क शिक्षा पाने के लिए दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब रिक्त सीटों को भरने के लिए फिर से पोर्टल खोला जाएगा।
शिक्षा विभाग के मुताबिक, जिले में संचालित 170 से अधिक निजी स्कूलों में आरटीई के तहत निर्धन बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के लिए 1313 सीटें आवंटित हुई थीं। तीन बार प्रवेश प्रक्रिया हुई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिक्त सीटों को भरने के लिए दो बार पोर्टल खोला गया लेकिन अब तक 880 पात्र विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया। अब भी 433 सीट रिक्त हैं।
28 विद्यार्थियों ने नहीं लिया निजी स्कूलों में प्रवेश
शिक्षा विभाग के मुताबिक, शुरुआती दौर में जिले के निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा पाने के लिए 908 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। जांच में सभी पात्र मिले लेकिन इनमें से 28 विद्यार्थी प्रवेश के लिए नहीं पहुंचे।
कोट
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए कई बार प्रक्रिया हुई है। दो बार पोर्टल भी खोला जा चुका है। इसके बाद भी विद्यार्थी प्रवेश के लिए दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। नियमों के मुताबिक निजी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रवेश दिए गए हैं। - हरक राम कोहली, मुख्य शिक्षा अधिकारी, पिथौरागढ़