पिथौरागढ़ में प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी।
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रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की पिथौरागढ़ इकाई ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सोमवार को रोडवेज कार्यशाला परिसर में धरना दिया। वार्ता के लिए पहुंचे सहायक महाप्रबंधक का घेराव किया। कई घंटे तक चली वार्ता के बाद कर्मचारियों ने एक सप्ताह के लिए आंदोलन टाल दिया है।
सोमवार को परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष मोहन भंडारी, शाखाध्यक्ष संजय महर के नेतृत्व में एकत्र कर्मचारी वर्कशाप परिसर में धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने 12 सूत्री मांगों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। इन लोगों ने डिपो प्रबंधन और प्रभारी फोरमैन पर कई आरोप लगाए। कर्मचारियों के विरोध को देखते हुए पिथौरागढ़ डिपो के सहायक महाप्रबंधक राजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारी नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया। कर्मचारियों की सहायक महाप्रबंधक और प्रभारी फोरमैन के साथ तीखी बहस हुई। कर्मचारियों का आरोप था कि प्रभारी फोरमैन नियमों के निरुद्ध सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में वाहनों की फिटनेस संबंधी कार्य कर रहे हैं। डिप्लोमाधारी न होने के कारण वह वाहनों की फिटनेस का काम नहीं कर सकते। इस संबंध में परिवहन निगम प्रबंधन के भी स्पष्ट निर्देश हैं। कर्मचारियों ने कहा कि फोरमैन द्वारा दोषमुक्त किए बिना वाहनों को मार्ग पर भेज दिया जा रहा है।
इन मुद्दों पर कई घंटे तक कर्मचारी सहायक महाप्रबंधक के सामने विरोध जताते रहे। संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष मोहन भंडारी, प्रांतीय सदस्य नवीन कोठारी, शाखाध्यक्ष संजय महर, शाखा मंत्री पवन कुमार ने कहा कि गैर डिप्लोमाधारी प्रभारी फोरमैन एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस का काम नहीं कर सकते।
डिपो में नियमों को ताक में रखकर काम हो रहा है। सहायक महाप्रबंधक ने एक सप्ताह के भीतर सभी 12 बिदुंओं में आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। इस पर कर्मचारी माने। विरोध प्रदर्शन में कार्यशाला मंत्री नवीन आगरी, दीपक कठायत आदि शामिल थे।