कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर पिथौरागढ़ में प्राइवेट अस्पताल बंद रहे। दोनों जिलोें के डॉक्टरों ने काला फीता बांध कर प्रदर्शन किया। मंगलवार को भी काला फीता बांधकर प्रदर्शन जारी रहेगा।
चंपावत जिला अस्पताल में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग (पीएमएस) के जिलाध्यक्ष डॉ. आरके जोशी और सचिव डॉ. प्रदीप बिष्ट के नेतृत्व में डॉक्टरों ने काला फीता बांधकर विरोध जताया। वक्ताओं ने कहा कि कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में मरीजों के तीमारदार की ओर से की गई मारपीट चिंताजनक है। कहा कि बीते कुछ समय से लगातार हो रही वारदातें स्वास्थ्य कर्मियों में असुरक्षा पैदा कर रही हैं। डॉक्टरों ने हिंसा से बचाव को केंद्रीय कानून बनाने की मांग की है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में डॉ. एचएस ऐरी, डॉ. सुषमा नेगी, एसीएमओ डॉ. इंद्रजीत पांडेय, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. बैंकटेश द्विवेदी, डॉ. इरफान, डॉ. अजय कुमार, डॉ. दीपिका आदि शामिल थे।
पाटी में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आभाष सिंह, फार्मेसिस्ट प्रकाश खड़ायत, नर्स पूजा धानिक, वार्ड ब्वाय दिनेश जोशी आदि प्रदर्शन में शामिल थे। काला फीता बांधकर प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहेगा। पिथौरागढ़ में डॉ. केएस भट्ट, डॉ. एनएस गुंज्याल, डॉ. एलएस बोरा, डॉ. महेश रजवार, डॉ. हरीश पंत, डॉ. दीपक चनकन्याल, डॉ. एचएस खड़ायत, डॉ. नरेंद्र शर्मा, डॉ. अतुल त्रिपाठी, डॉ. दीपक, डॉ. लवि पुनेठा, डॉ. हिना जोशी, डॉ. सौरभ पांगती आदि ने काला फीता बंधकर प्रदर्शन किया। पिथौरागढ़ के आईएमए के जिला सचिव डॉ. जेसी गढ़कोटी ने बताया कि ओपीडी पूरी तरह बंद रही। अलबत्ता आपातकालीन ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल में उमड़ा मरीजों का रेला
पिथौरागढ़। कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में निजी अस्पतालों के बंद होने से जिला अस्पताल में मरीजों का रेला उमड़ पड़ा। सामान्य दिनों की अपेक्षा दो गुना से अधिक मरीज अस्पताल पहुंचे। व्यवस्थाओं को लेकर अस्पताल प्रबंधन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सुबह आठ बजे से ही नगर के साथ ही दूरदराज के क्षेत्रों से मरीज अस्पताल पहुंचने लग गए। ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। निजी चिकित्सालय बंद देख मरीज जिला अस्पताल की ओर दौड़े। दोपहर 12 बजे तक 702 पर्चियां कट चुकी थीं। दो बजे तक 850 से अधिक मरीज अस्पताल पहुंच चुके थे। सामान्य दिनों में करीब 450 तक मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएस नबियाल के कक्ष में 200 पर्चियां लग चुकी थीं। वरिष्ठ सर्जन डॉ. एलएस बोरा और फिजीशियन के कक्ष के बाहर भी मरीज अपनी बारी के इंतजार में बैठे रहे। आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में भी मरीजों की काफी भीड़ जुटी रही। अस्पताल की पीएमएस डॉ. निर्मला पुनेठा ने बताया कि सामान्य दिनों की अपेक्षा मरीजों की भीड़ काफी अधिक रही। उन्होंने बताया कि अस्पताल में व्यवस्था दुरुस्त रहीं।