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Pithoragarh News: बारिश से बरम में सड़क बही, धारचूला में पुल ध्वस्त होने से बच्चे नहीं जा सके स्कूल

Thu, 21 Sep 2023 10:47 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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बरम के समीप ध्वस्त मुनस्यारी-जौलजीबी मोटर मार्ग। संवाद
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पिथौरागढ़/मुनस्यारी। धारचूला और मुनस्यारी क्षेत्रों में बुधवार की रात तेज गरज और चमक के साथ मूसलाधार बारिश हुई। मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। बरम के तोली चिफलतरा के पास 20 मीटर सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। धारचूला में पुल क्षतिग्रस्त होने से खाेतिला सहित छह गांवों के बच्चे स्कूल नहीं जा सके। बारिश से मुनस्यारी-जौलजीबी और पिथौरागढ़-तवाघाट सहित 14 सड़कें मलबा और बोल्डर गिरने से बंद हो गईं। हालांकि पिथौरागढ़-तवाघाट सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया है। बारिश से काली नदी सहित अन्य गाड़-गधेरों का जलस्तर काफी बढ़ गया है।
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बारिश से सेराघाट के पास भी भारी मलबा सड़क पर आ गया है। इसके चलते सुबह के समय लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बेहद जरूरी काम से आवाजाही करने वाले लोगों को वाहन बदल-बदलकर गंतव्य तक जाना पड़ा। अधिकांश ग्रामीणों को पैदल आवागमन करना पड़ा।
इस सड़क पर जल्दी यातायात सुचारु होने की उम्मीद नहीं है। जोशा और इमला के पास मलबा आने से मदकोट-दारमा मोटर मार्ग बंद हो गया है। लोग पैदल ही आवाजाही करने के लिए मजबूर रहे। जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बंद सड़कों से मलबा हटाने का काम किया जा रहा है।
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इनसेट
गधेरा उफान पर होने से स्कूल नहीं जा पाए विद्यार्थी
धारचूला। धारचूला के खुमती के पदीगाड़ में बना पुल ध्वस्त पड़ा है। लोग गाड़ से ही आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। बुधवार की रात मूसलाधार बारिश के कारण गधेरा उफान पर आ गया था। इसके चलते लेकसल्ला, बजानी, अमल्यानी, जड़बूंगा, मल्लाधुरा, पातल आदि तोकों के लोग घरों में कैद होकर रह गए। सुबह के समय जीआईसी खुमती के लिए जा रहे इन गांवों के 60 से अधिक बच्चों को पदीगाड़ से घरों को लौटना पड़ा। ग्रामीण भी जरूरी सामान लाने बाजार तक नहीं जा सके। खुमती के ग्राम प्रधान गोपाल सिंह ने बताया कि कई बार शासन प्रशासन से पुल निर्माण की मांग करने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यदि इस पदीगाड़ में पुल या झूलापुल का निर्माण नहीं किया जाता है तो आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। संवाद

इन सड़कों पर आया मलबा
छिरकिला-जम्कू, गलाती-रमतोली धामीगांव, मदकोट दारमा, मदकोट-तोमिक, बांसबगड़-कोटा पंद्रपाला, तवाघाट-ठानीधार, सिंगाली-बस्तड़ी, जौलजीबी-मदकोट कौली कन्याल, आदिचौरा-कुनिया, देवीसूना-खेतारकन्याल कराली, जौलजीबी-मुनस्यारी, डीडीहाट-आदिचौरा हुनेरा, पिथौरागढ़-तवाघाट, सोबला-दर तिदांग। इनमें से पिथौरागढ़-तवाघाट सड़क को खोल दिया गया है। संवाद

रात आठ बजे से बंगापानी क्षेत्र की बिजली गुल
बंगापानी। मूसलाधार बारिश के दौरान क्षेत्र की बिजली भी गुल हो गई। बुधवार रात करीब आठ बजे से गई बिजली बृहस्पतिवार की शाम तक भी बहाल नहीं हो पाई थी। इसके चलते लोगों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। लोग मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए भी परेशान रहे। संवाद

सड़क किनारे फंसे वाहन को निकाला
धारचूला (पिथौरागढ़)। फायर यूनिट धारचूला और एनडीआरएफ की टीम ने देर रात सड़क किनारे फंसे वाहन को निकाला। फायर यूनिट धारचूला को सूचना मिली कि गोठी आईटीबीपी कैंप के पास एक गाड़ी फंसी है। लीडिंग फायरमैन कृष्ण सिंह गुंज्याल के नेतृत्व में फायर यूनिट और एनडीआरएफ ने सड़क के नीचे फंसी कार (यूके 05 ए 7333) को दूसरे वाहन से खींचकर सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में पुलिस ने वाहन स्वामी गणेश चंद निवासी ढूंगातोली जौलजीबी और एक अन्य व्यक्ति को सकुशल घर भेजा। संवाद

किरोड़ा के उफान में बहने से बचा बाइक सवार दंपती
थ्वालखेड़ा निवासी दंपती की बाइक डेढ़ सौ मीटर दूर तक बही
टनकपुर (चंपावत)। मूसलाधार बारिश की वजह से मां पूर्णागिरि धाम मार्ग पर बुधवार की रात उफनाए किरोड़ा नाले की चपेट में आकर एक बाइक सवार दंतपी बहने से बच गया। हालांकि उनकी बाइक नाले में बहकर करीब 150 मीटर दूर पहुंच गई। बृहस्पतिवार सुबह गांव के लोगों ने नाले के रोखड़ से बाइक निकालकर पीड़ित दंपती के सुपुर्द की।

नगर से लगे थ्वालखेड़ा गांव निवासी राजेंद्र सिंह पुत्र स्व. अमर सिंह पत्नी के साथ बुधवार की शाम बाइक (यूए 04ई 2836) से रिश्तेदार के घर गैंड़ाखाली गए थे। रात में लौटते समय वे मूसलाधार बारिश से उफनाए किरोड़ा नाले में फंस गए। उन्होंने नाले को पार करने की कोशिश की तो तेज प्रवाह में उनकी बाइक बहने लगी।
आननफानन दंपती बाइक से उतरकर किनारे चला गया लेकिन उनकी बाइक पानी में बह गई। शुक्रवार सुबह नाले का जलस्तर कम हुआ तो उनकी बाइक सड़क से करीब 150 मीटर दूर रोखड़ में मिली। बता दें कि क्षेत्र से लगे पहाड़ी इलाकों में बारिश होते ही पूर्णागिरि मार्ग पर किरोड़ा नाला उफनाकर खतरा बन जाता है। संवाद
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