ग्राम बरमबचकुड़ी के ग्रामीणों ने क्षेत्र में सड़क निर्माण की मांग को लेकर सरकार और लोनिवि विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद करते हुए चुनाव बहिष्कार का एलान किया।
सामाजिक कार्यकर्ता गणेश राम के नेतृत्व में थल बाजार में एकत्र हुए ग्रामीणों ने सरकार और लोनिवि विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गणेश राम का कहना है कि तड़ीगांव-बरमबचकुड़ी-चौबाटी मार्ग वर्ष 2013 में स्वीकृत हो गया था, लेकिन पांच किमी लंबे मोटर मार्ग का निर्माण धनाभाव के चलते शुरू नहीं हो पाया, जबकि 10 जुलाई 2015 में तड़ीगांव-बरमबचकुड़ी-चौबाटी सड़क मार्ग के लिए 33 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। धनराशि स्वीकृत होने के बाद भी क्षेत्र की अनदेखी की जा रही है।
आरोप लगाया कि विभाग को क्षेत्र की समस्या से कोई लेना-देना नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र आजादी के बाद से सड़क मार्ग नहीं जुड़ पाया है। जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया। ग्राम पंचायत बत्यूली, बरमबचकुड़ी और बढ़ेत की कुल आबादी 8000 है। नाकुड़ा, धनपाली, धनखेत, पिपलगेर गांवों में 50 फीसदी अनुसूचित जाति के लोग निवास करते हैं। क्षेत्र के लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए आठ किमी का कठिन रास्ता तय करना पड़ता है।
मरीजों को नजदीकी अस्पताल ले जाने के लिए आज भी डोली का उपयोग करना पड़ता है। स्कूली बच्चों का अधिकांश समय स्कूल आने-जाने में बीत जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्वीकृत सड़क मार्ग का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन में नवीन जोशी, हरीश जोशी, जगदीश जोशी, सुदामा जोशी, लक्ष्म राम, खड़क राम, चंदर राम, जीवन कुमार, बालक राम आदि शामिल थे।