जिले में लगातार हो रही बारिश से कई सड़कों पर यातायात बंद हो गया है। मुनस्यारी को जोड़ने वाली थल-मुनस्यारी और जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क बंद हो गई है। थल-मुनस्यारी सड़क पर नया बस्ती, नाचनी, रातीगाड़, ग्वीरा, घटीगाड़, अस्याली में सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया है, जबकि जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग धापा के पास बंद है। आवागमन बंद होने से इस मार्ग पर दर्जनों वाहन और सैकड़ों यात्री फंसे हैं। यात्रियों के पास पिथौरागढ़, हल्द्वानी, थल की तरफ जाने के लिए अब पैदल आने के सिवाय और कोई रास्ता नहीं है।
पिथौरागढ़-धारचूला सड़क बलुवाकोट के पास मलबा आने से बुधवार को सुबह पांच बजे से 11 बजे तक बंद रही। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार बारिश से थल-पांखू, बलुवाकोट-पय्यांपौड़ी, तवाघाट-पांगला, सानदेव-ननपापू, नाचनी-बांसबगड़, नाचनी-नापड़, चौबाटी-बोराबुंगा, मदकोट-बोना सड़क बंद हो गई हैं। इन सड़कों से मलबा हटाने के लिए सीमा सड़क संगठन, लोनिवि, पीएमजीएसवाई के मजदूर काम कर रहे हैं। हर इलाके में सड़कें बंद होने से लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तत्काल बंद सड़कों को खोला जाए और लोगों की दिक्कतों को दूर किया जाए।
बेड़ीनाग-थल मार्ग पर पेड़ गिरा, दो घंटे यातायात बंद
बेड़ीनाग। बेड़ीनाग-थल मार्ग पर बरसायत के पास बड़ा चीड़ का पेड़ गिर गया। इस कारण इस मार्ग पर सुबह 11 बजे से अपरान्ह एक बजे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही। धारचूला, मुनस्यारी, मदकोट जाने वाली रोडवेज की बसों के अलावा जीप और टैक्सियों को भी पेड़ हटने तक इंतजार करना पड़ा। यात्रियों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से दो घंटे में पेड़ को सड़क से अलग हटाया।
डीडीहाट के कई आंतरिक मार्गों पर मलबा पटा
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। बुधवार को दिनभर जारी मध्यम स्तर की बारिश से शाम तक डीडीहाट क्षेत्र की कई सड़कों पर मलबा पट गया। डीडीहाट-दूनाकोट, डीडीहाट-आदीचौरा सड़क बंद हो गई हैं। इन सड़कों पर गिरा मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी ने बताया कि अपने अधीन आने वाली सड़कों से मलबा हटाने के लिए जेसीबी और मजदूर लगा दिए हैं। यदि बारिश जारी रही तो मुख्य मार्गों के भी बंद होने का खतरा है।
थल में रामगंगा उफान पर
थल। थल में रामगंगा पूरे उफान पर आ गई है। मंगलवार रात ऊपरी रामगंगा घाटी में हुई भारी बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के मुताबिक जिले की सभी प्रमुख नदियों के साथ-साथ अन्य छोटी नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। रामगंगा के प्रवाह से ज्यादा खतरा नहीं रहता। आपदा नियंत्रण कक्ष के मुताबिक महाकाली का जलस्तर बुधवार को 888.65 मीटर आंका गया। महाकाली में खतरे का निशान 890 मीटर पर है। सरयू का जलस्तर 447.80 मीटर रहा। सरयू में खतरे का निशान 453 मीटर पर है। गोरी का जलस्तर 604.65 मीटर रहा। गोरी में खतरे का निशान 607.80 मीटर पर है।
कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-26.0 एमएम
बेड़ीनाग-52.0 एमएम
मुनस्यारी-33.0 एमएम
गंगोलीहाट-7.0 एमएम
डीडीहाट-50.0 एमएम
धारचूला-40.0 एमएम