छियालेक से गर्ब्यांग जाने वाली सड़क की ऐसी है हालत
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छियालेक से गर्ब्यांग तक सड़क निर्माण में सीमा सड़क संगठन ने भारी लापरवाही बरती है। रोड कटिंग के बाद मलबे को सड़क के किनारे डंप कर दिया गया है। सड़क कीचड़ से लबालब भरी रहती है। इस सड़क से निकलने वाले स्थानीय लोगों, सुरक्षा बलों के जवानों और कैलास यात्रियों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ता है। सड़क पर पानी के निकास के लिए नालियां नहीं बनाई गई हैं। इस कारण सारा पानी सड़क पर फैल जाता है। सड़क का करीब तीन किलोमीटर का दायरा जानलेवा बना है।
बीआरओ इस समय गर्वाधार से आगे गुंजी तक सड़क निर्माण का काम कर रहा है। गुंजी से आगे कालापानी तक पहले ही सड़क बन चुकी है, लेकिन छियालेक से गर्ब्यांग तक सड़क बनाने के बाद ऐसी स्थिति सामने आ गई है कि उसमें पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोग भी इसी रास्ते से जाने को मजबूर हैं, क्योंकि सड़क निर्माण के कारण पैदल रास्ते सुरक्षित नहीं रह गए हैं।
गर्ब्यांग की प्रधान पुष्पा देवी, जिला पंचायत सदस्य मंजुला देवी ने कहा कि पूजा पाठ का सीजन और रं कल्याण संस्था द्वारा हर तीसरे वर्ष आयोजित किए जाने वाले रं महोत्सव को देखते हुए सड़क की स्थिति सुधारने के लिए कई बार विभाग को कहा गया, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय सिंह का कहना है कि वर्ष 2013 की आपदा में भी सीमांत वासियों को इतनी फजीहत नहीं झेलनी पड़ी थी। बता दें कि 28 और 29 अगस्त को रं कल्याण संस्था का एजीएम गर्ब्यांग के उस पार नेपाल के छांगरू गांव में आयोजित होना है। वहां जाने के लिए इसी रास्ते का उपयोग होगा।
एजीएम में उत्तराखंड के कई आईएएस, पीसीएस और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही देश के कोने-कोने से रं समाज के लोग पहुंचेंगे, यदि सड़क की दशा नहीं सुधरी तो लोगों को भारी मुसीबत झेलनी पड़ जाएगी। बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि बारिश थमने के बाद सड़क की मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा।