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Pithoragarh News: व्यास और दारमा घाटियों का सड़क संपर्क बहाल

Tue, 08 Sep 2026 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़/धारचूला। आदि कैलाश और चीन सीमा को जोड़ने वाली व्यास घाटी का सड़क संपर्क मंगलवार को चौथे दिन बहाल हो गया। वहीं दारमा घाटी का संपर्क तीसरे दिन बहाल किया जा सका। इससे दोनों घाटियों के हजारों ग्रामीणों और सुरक्षा बलों ने राहत की सांस ली। हालांकि दारमा घाटी में फिलहाल छोटे वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति दी गई है। बड़े और भारी वाहनों के लिए मार्ग सुचारु होने में दो से तीन दिन और लग सकते हैं।
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व्यास घाटी में गुंजी, आदि कैलाश और कैलाश मानसरोवर को जोड़ने वाला तवाघाट-गुंजी बॉर्डर रोड पांच सितंबर से बंद था। मलघाट, एस बैंड और गस्कू डेंजर जोन में लगातार रुक-रुककर भूस्खलन होने से सड़क खोलने में दिक्कत आई। एक स्थान से मलबा हटाने के बाद दूसरे स्थान पर भूस्खलन होने से चौथे दिन दोपहर तक यातायात बहाल नहीं हो सका। सड़क बंद होने से व्यास घाटी के सात गांवों के साथ ही सैन्य चौकियों तक जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित रही। ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलने और बीच रास्ते में वाहन बदलने पड़े।
चीन सीमा से सटी दारमा घाटी में भी बारिश के कारण सड़क बंद हो गई थी। रविवार को तेज बारिश के बीच भारी बोल्डर और मलबा आने से सोबला-उर्थिंग के बीच कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ था। इससे दारमा घाटी का सड़क संपर्क कट गया था।
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बीआरओ ने करीब 50 मजदूरों की मदद से जगह-जगह मलबा हटाकर मंगलवार करीब तीन बजे यातायात बहाल किया। 67 आरसीसी ग्रिफ के ओआईसी राम किशोर मीना और जेई महेंद्र कुमार मीना ने बताया कि फिलहाल छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू की गई है। बड़े वाहनों के संचालन में दो से तीन दिन और लगने की संभावना है। तवाघाट से सोबला और सोबला से ढाकर तक सड़क खोल दी गई है। इधर, पिथौरागढ़-झूलाघाट स्टेट हाईवे पर मंगलवार को भी बसों का संचालन नहीं हो सका। हालांकि छोटे वाहनों की आवाजाही सुचारु रही।

17 ग्रामीण सड़कों पर दिनभर ठप रहा यातायात
पिथौरागढ़/धारचूला। जिले में मंगलवार सुबह 20 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हो गए। इनमें से तीन मार्गों को अपराह्न तक खोल दिया गया, लेकिन 17 सड़कों पर शाम तक यातायात बहाल नहीं हो सका। तीन दिन पूर्व कंज्योति-नारायण आश्रम मार्ग पर बलमी के पास पहाड़ी दरकने से सड़क का करीब 50 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया था। इससे घाटी के 15 गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित है। लोनिवि के एई आशीष लुंठी ने बताया कि ग्रामीणों की आवाजाही के लिए पैदल मार्ग तैयार करने के साथ ही सड़क खोलने का काम तेजी से किया जा रहा है। सड़क पूरी तरह खुलने में अभी समय लग सकता है।

26 घंटे बाद मालवाहक वाहनों के लिए खुली सेराघाट-बेड़ीनाग सड़क
गणाई गंगोली। सेराघाट-गणाई-बेड़ीनाग स्टेट हाईवे पर 26 घंटे बाद मंगलवार को बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। हालांकि संकरी जगह के कारण मालवाहक वाहनों को निकलने में दिक्कत हो रही है। सड़क के ऊपर चट्टान और नीचे करीब 100 मीटर गहरी खाई होने से यहां जोखिम बना हुआ है। तहसील प्रशासन ने लोनिवि को सुरक्षा दीवार बनाने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान चौकी बैंड, मदनपुर, गणाई बैंड और तपोवन में चार बार मलबा आने से कई वाहन रात में भी फंसे रहे। मलबा हटाने और यातायात सुचारु करने में कर्मचारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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