पिथौरागढ़/धारचूला। जनपद भर में बारिश और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिला मुख्यालय में सबसे अधिक 23 तो कनालीछीना में 22 और धारचूला में 20 एमएम बारिश हुई। रविवार को सुबह से ही बारिश का सिलसिला जारी रहा। भारी बारिश के बीच लोग घरों में दुबकने के लिए मजबूर हुए। बंद सड़कों ने लोगों की मुश्किल बढ़ाने का काम किया है। चीन सीमा को जोड़ने वाली दोनों सड़कों पर पिछले 48 घंटों से आवागमन ठप है जबकि दो अन्य बॉर्डर रोड पर 17 घंटे बाद यातायात बहाल हो सका। जिले में 16 ग्रामीण मोटर मार्गों पर भी आवाजाही बाधित रहने से हजारों लोग परेशान हैं।
कैलाश मानसरोवर सहित आदि कैलाश और व्यास घाटी को जोड़ने वाली तवाघाट-गुंजी सड़क बीते शनिवार से कई जगह भूस्खलन होने से बंद है। इस पर रविवार को तीसरे दिन भी आवाजाही सुचारू नहीं हो सकी। एस बैंड के पास भारी बारिश से सड़क का बड़ा हिस्सा वॉशआउट हो गया है। ऐसे में इस पर जल्द आवाजाही सुचारु होने की संभावना कम है। तीन दिन से सड़क बंद होने से अनेक वाहन और यात्री गुंजी और धारचूला की ओर फंसे हुए हैं।
आवाजाही ठप होने से व्यास घाटी के ग्रामीणों के साथ ही सैन्य बलों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चीन सीमा पर भारतीय चौकियों में भी राशन सहित अन्य सामान की आपूर्ति ठप होने से सुरक्षा एजेंसियां परेशान हैं। वहीं दारमा घाटी को चीन सीमा से जोड़ने वाली तवाघाट-सोबला सड़क भी पंगबाबे समेत अनेक स्थानों पर भूस्खलन से बंद है, जिससे घाटी के लिए आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति शनिवार से ठप है। चौदास घाटी में पड़ने वाला कंज्योति तवाघाट-नारायण आश्रम मोटर मार्ग का करीब 50 मीटर हिस्सा शनिवार को वॉशआउट हो गया था। इसके चलते सीमांत क्षेत्र में लोगों की परेशानियां काफी बढ़ गई हैं। तीनों घाटियों के लोग मलबे और बोल्डरों के बीच पैदल सफर करने के लिए विवश हैं। वहीं व्यास, दारमा और चौदास घाटी को जोड़ने वाली धारचूला-तवाघाट बॉर्डर रोड पर 17 घंटे बाद यातायात बहाल हो सका। जौलजीबी-मुनस्यारी बॉर्डर रोड भी 15 घंटे बाद खुल सकी। इस कारण लोगों ने राहत की सांस तो ली।
16 ग्रामीण मोटर मार्गों पर आवागमन बाधित
भूस्खलन से रविवार को जिलेभर में 16 ग्रामीण मोटर मार्ग पर आवागमन ठप रहा। इनमें से सात मार्ग रविवार को मलबा आने से बंद हुए जबकि अन्य सड़कों पर पिछले कई दिनों से जगह-जगह भूस्खलन होने से आवाजाही ठप है। ऐसे में बारमौ, उमचिया, नामिक, जुम्मा, बुईं, पातों, कोटा, बांसबगड़, दारमा, कूटा, तोमिक आदि क्षेत्रों के हजारों लोगों को खासी दिक्कत का सामना पड़ रहा है। इन क्षेत्रों में आपूर्ति ठप होने से राशन सहित अन्य दैनिक जरूरत के सामान की भी किल्लत शुरू हो गई है। उमचिया के कैलाश सिंह, होकरा के गणेश, नामिक के रमेश सिंह आदि ने कहा कि बमुश्किल बंद सड़कों के बीच पैदल सफर कर स्थानीय बाजारों में पहुंच रहे हैं। तब जाकर पीठ पर राशन ढोकर घर पहुंचाने के लिए मजबूर हैं। बीमारों और गर्भवतियों को भी पैदल सफर कर अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। यदि समय रहते सड़कें नहीं खुलीं तो ग्रामीणों की दिक्कत और बढ़ेगी।
बारिश के बीच बाजारों में सन्नाटा
पिथौरागढ़। जिले में रविवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश जारी रही। कभी तेज तो कभी हल्की बारिश के बीच जिला मुख्यालय सहित विभिन्न बाजार सुनसान नजर आए। जगह-जगह जलभराव से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। काली नदी चेतावनी स्तर से 10 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। काली का चेतावनी स्तर 889 मीटर है और इसका जलस्तर 889.10 मीटर पहुंच गया है। संवाद
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तीनों घाटियों में रहती है 10 से 15 हजार की आबादी
धारचूला। धारचूला तहसील के उच्च हिमालयी क्षेत्र की व्यास, चौदास और दारमा घाटी में करीब 10-15 हजार की आबादी रहती है। पिछले 48 घंटे से इन घाटियों का सड़क संपर्क टूटने से हजारों लोग परेशान हैं। थाना पांगला के हेड कांस्टेबल सोबन सिंह नगन्याल ने बताया कि गस्कू, एस बैंड और मलघाट आदि स्थानों पर रोड बंद होने से रास्ते में फंसे अनके वाहनों को पांगला क्षेत्र में सुरक्षित जगह पर लाया गया है। व्यास घाटी में जहां सात गांव हैं वहीं चौदास और दारमा घाटी में 14-14 गांव पड़ते हैं जो माइग्रेशन वाले गांव हैं। इसके अलावा तल्ला दारमा में भी 10-12 गांव हैं जो सड़क बंद होने से दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।
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कहां कितनी हुई बारिश
पिथौरागढ़ - 23.0 एमएम
बेरीनाग- 6.2 एमएम
मुनस्यारी-3.6 एमएम
बंगापानी-12.0 एमएम
गणाई गंगोली- 4.0 एमएम
देवलथल- 14.0 एमएम
गंगोलीहाट-6.0 एमएम
डीडीहाट- 4.4 एमएम
धारचूला - 20.0 एमएम
कनालीछीना- 22.0 एमएम
तेजम-9.0 एमएम
थल- 14.0 एमएम