मूनाकोट विकास खंड में क्वीतड़-जमतड़ी सड़क बदहाल स्थिति में
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मूनाकोट विकास खंड के नेपाल सीमा से लगे गांवों के ग्रामीण अब भी सड़क सुविधा से दूर हैं। ग्रामीणों को करीब सात किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर सड़क तक पहुंचना पड़ता है। गांव में कोई बीमार हो जाए तो उसे और गर्भवती महिलाओं को डोली पर बमुश्किल सड़क तक पहुंचाते हैं। खुद की उपेक्षा से ग्रामीणों में आक्रोश है।
क्वीतड़-जमतड़ी सड़क का निर्माण वर्ष 2012-13 में हुआ। इस सड़क को हल्दू तक बनाया जाना था, लेकिन किन्हीं कारणों से यह बन नहीं पाई। वड्डा से क्वीतड़ तक सड़क पर डामरीकरण हुआ है, लेकिन इससे आगे पांच किमी तक यह कच्ची है। सड़क की चौड़ाई काफी कम होने से हादसों का अंदेशा रहता है। हल्दू तक सड़क नहीं बनने से नेपाल सीमा से लगे जमतड़ी, मझेड़ा, हल्दू और भौंरा के ग्रामीणों को काफी दिक्कत होती है। हल्दू, भौंरा से आने वाले ग्रामीणों को सात किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर जमतड़ी तक आना पड़ता है। करीब ढाई हजार की आबादी में कभी किसी के बीमार होने और गर्भवती महिलाओं को सड़क तक लाने में ग्रामीणों के पसीने छूट जाते हैं।
क्षेत्र के मनोज चंद, नरी सौन, वजीर सिंह, गोविंद सौन, केशर सौन ने बताया कि क्वीतड़-जमतड़ी सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बने हैं। कई बार समाधान पोर्टल और डीएम के जनता दरबार में भी समस्या को रखा गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यदि सड़क की हालत नहीं सुधारी गई तो ग्रामीण आंदोलन को विवश होंगे। इस संबंध में लोनिवि के अधिशासी अभियंता एनसी जोशी ने बताया कि क्वीतड़-जमतड़ी सड़क पर समय-समय पर गड्ढों को भरने का कार्य किया जाता है।