अस्कोट-कर्णप्रयाग हाइवे में चौंनीपातल के पास ऐसी हो गई हालत
- फोटो : अमर उजाला
अस्कोट-कर्णप्रयाग सड़क को एक साल पहले ही एनएच का दर्जा दिया गया था। उस समय कहा गया था कि इस सड़क की दशा सुधर जाएगी, लेकिन यह सड़क अब ज्यादा खराब हो गई है। थल से चौंनीपातल तक यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। तीन किलोमीटर के इस हिस्से पर 15 स्क्रबर बंद पड़े हैं। खास बात यह है कि इसी सड़क से कैलाश मानसरोवर यात्रियों के दल भी जाते हैं।
बताया गया कि सड़क पर पानी के निकास के लिए नालियों का निर्माण नहीं किया गया है। यह पानी लगातार नीचे को रिसकर चौंनीपातल के जगत राम और गणेश राम के मकान के लिए खतरा बन रहा है। दोनों घरों के अंदर पानी घुस रहा है। चौंनीपातल से थल के बीच खराब सड़क अक्सर बंद होती रहती है। सामाजिक कार्यकर्ता हरीश जोशी का कहना है कि एनएच घोषित होने के बाद भी सड़क की दशा न सुधरना गंभीर चिंता का विषय है। जिस तरह सड़क पर गड्ढे बने हैं, उससे साफ जाहिर होता है कि यह किसी भी समय पूरी धंस सकती है।
इस मामले में एनएच के अवर अभियंता शुभम राणा का कहना है कि सड़क की दशा सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। पानी के निकास की स्थायी व्यवस्था की जाएगी। वह कहते हैं कि सड़क की मरम्मत का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है।