पिथौरागढ़। सीमांत जिले के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश के कारण चीन सीमा को जोड़ने वाली दो और 13 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। इससे लोग परेशान हैं। तेज बारिश के कारण नदियां भी उफान पर हैं। इससे लोग सहमे हैं।
धारचूला में सर्वाधिक 24 मिमी, बेड़ीनाग में 17, मुनस्यारी में 16.20, डीडीहाट में 16, पिथौरागढ़ में 15.50 और गंगोलीहाट में 11.50 मिमी बारिश हुई। काली नदी का जल स्तर 888.75 पहुंच गया है। इसका खतरे का निशान 890 मीटर है। सरयू नदी 448.10 मीटर पर बह रही है। इसका खतरे का निशान 453 है। गोरी नदी जौलजीबी 604.95 पर बह रही है।
इसका खतरे का निशान 607.80 मीटर है। गोरी नदी मदकोट में 1212.20 पर बह रही है। इसका खतरे का निशान 1215.10 मीटर है। नदियों का जल स्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने लोगों से नदियों के किनारे न जाने की अपील की है।
तवाघाट-नारायण आश्रम, बांस-आंवलाघाट, छेड़ा-कुमयाचौड़, चौना-मटेना, नाचनी-भैंसकोट, मंसूरी-कांडा-होकरा, गिनी बैंड-समकोट, आदिचौरा-सिन्नी, छिरकिला-जम्कू, मदकोट-दारमा, एंचोली-स्यूनी, गोगिना-जमराड़ी और सेराघाट-बुर्सिल सड़क बंद है। ग्रामीण सड़कों के बंद होने से लोग परेशान हैं लोगों को गांवों तक जरूरी सामान पहुंचाने में काफी दिक्कतें हो रही हैं।
इधर चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-सोबला और सोबला-दर-तिदांग सड़क बंद है। इससे सुरक्षा एजेंसियां और ग्रामीण परेशान हैं। लोगों ने बंद सड़कों को शीघ्र खुलवाने की मांग की है।
10 घंटे बंद रही नाचनी-मुनस्यारी सड़क
नाचनी (पिथौरागढ़)। चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नाचनी मुनस्यारी सड़क नया बस्ती में 10 घंटे बंद रही। मंगलवार सुबह नौ बजे यातायात के लिए किसी तरह सड़क सुचारु हो पाई। सोमवार को सड़क खोलने के दौरान, डोजर ऑपरेटर, जमन सिंह पत्थरों की चपेट में आने से चोटिल हो गए थे। उनका उपचार नाचनी में कराया जा रहा है।
जेई कृष्ण पिपलिया ने बताया कि सड़क खोलने के लिए भैंसखाल गांव के डोजर ऑपरेटर अनिल सिंह (अन्ना) को अस्थायी तौर पर रखा गया है। जिन्होंने लगातार पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के बीच जान जोखिम में डालकर सड़क को खुलवाया। भूस्खलन के कारण 150 मीटर सड़क दलदली हो गई है। गटगांव की पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। दिन भर में छह-सात बार मलबा हटाकर सड़क को खोलना पड़ रहा है।