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नदियों में खतरा बने खनिज का चुगान होगा

Tue, 09 May 2017 11:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ में खनन को लेकर आयोजित बैठक में मौजूद अधिकारी - फोटो : amar ujala
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वर्षाकाल में खतरे से बचाने के लिए नदियों में जमा खनिज का चुगान कराया जाएगा। जिलाधिकारी सी रविशंकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में उत्तराखंड रिवर ट्रेनिंग नीति 2016 की जानकारी दी गई।
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जिलाधिकारी ने कहा कि जहां नदी में भारी मात्रा में उपखनिज जमा हुआ है। उसके कारण भूकटाव और जानमाल का खतरा हो सकता है। ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया जाना है। खनिज को हटाने के लिए स्थानीय लोगों और संस्थाओं को आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिलाधिकारी को आवेदन करना होगा। खनिज की मात्रा का आकलन करने के लिए गठित समिति में उपजिलाधिकारी अध्यक्ष, प्रभागीय वनाधिकारी के प्रतिनिधि, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता, भूवैज्ञानिक सदस्य नामित हैं। इनके संयुक्त निरीक्षण के बाद आख्या के अनुरूप स्वीकृति दी जाएगी। सरयू और पनार नदी में खनिज चुगान के लिए मिले दो आवेदनों में संयुक्त निरीक्षण के आदेश समिति को दिए गए।

डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में अवैध खनन नहीं होना चाहिए। डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को खनन जमा होने से संभावित नुकसान वाले क्षेत्रों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। डीएम ने हरड़िया नाले के मलबे को हटाने के निर्देश सिंचाई विभाग और पुल की सुरक्षा के उपाय करने के निर्देश लोनिवि के अधिकारियों को दिए।
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पशु बीमा में 60 से 80 प्रतिशत अनुदान       
जिलाधिकारी सी रविशंकर की अध्यक्षता में हुई पशुधन मिशन की बैठक में केंद्र सरकार द्वारा संचालित नेशनल लाइव स्टार मिशन की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. पीके जोशी ने बताया कि 60 से 80 प्रतिशत अनुदान पर पशुओं का बीमा कराया जा रहा है। डीएम ने पशु बीमा कराने में तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर उपयोग में लाए जाने वाले घोड़े, खच्चरों का बीमा अवश्य किया जाए। बैठक में मिशन की मदर पोल्ट्री यूनिट की स्थापना के लिए आए 11 आवेदनों पर चर्चा की गई। डा. जोशी ने बताया कि चयनित लाभार्थी हर दो माह में 1500 चूजे पशुपालन विभाग से खरीदेगा। उनको पालने के बाद बिक्री करेगा। चयनित लाभार्थी को 60000 रुपये का अनुदान मिलेगा। जिलाधिकारी ने योजना की पशु चिकित्साधिकारियों के माध्यम से निगरानी कराने के निर्देश दिए। बैठक में कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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