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Pithoragarh News: पूर्व विधायक की बेटी पूर्व प्रमुख को हराकर सेवानिवृत्त सहायक खंड विकास अधिकारी ने हासिल की विकासखंड की सत्ता

Thu, 14 Aug 2025 11:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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गंगोलीहाट। यदि हौसला बुलंद हो तो सफलता कदम चूमती है। यह बात गंगोलीहाट के नवनिर्वाचित ब्लॉक प्रमुख विनोद प्रसाद पर सही बैठती है। 30 साल तक विभिन्न विकासखंडों में ग्राम विकास अधिकारी से लेकर सहायक विकास अधिकारी पद की कुर्सी संभाली। सेवानिवृत्ति के सिर्फ सात महीने बाद भी वह चुनावी मैदान में उतरे। मुकाबला भी किसी सामान्य प्रत्याशी से नहीं बल्कि पूर्व विधायक की पूर्व ब्लॉक प्रमुख बेटी से था। इस दिग्गज प्रत्याशी को हराकर विनोद ने ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी तक पहुंचने की राह तय की है। पहले एक कर्मचारी के तौर पर विकासखंड में काम करने वाले विनोद अब पूरे ब्लॉक की सत्ता संभालेंगे।
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वर्ष 1995 में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर नियुक्त गंगोलीहाट विकासखंड के रणकोट निवासी विनोद प्रसाद ने 30 साल तक विभिन्न विकासखंडों में सेवा दी। बीते वर्ष अक्तूबर महीने में वह सहायक खंड विकास अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए। पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज हुई तो उन्होंने चुनावी मैदान में उतरने का मन बनाया। सिमलकोट सीट से बीडीसी सदस्य का चुनाव लड़े और जीते। लंबे समय तक सरकारी सेवा में तैनात विनोद भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य किसी भी दल के संपर्क में नहीं रहे। ऐसे में किसी भी दल से उन्हें ब्लॉक प्रमुख का प्रत्याशी घोषित किया जाना असंभव था। राजनीति में आकर जनसेवा करने की चाहत रखने वाले विनोद ने ऐसे में ब्लॉक प्रमुख पर निर्दलीय मैदान में उतरने का निर्णय लेते हुए पर्चा भरा। इस पद पर उनका मुकाबला पूर्व विधायक मीना गंगोला की पुत्री पूर्व ब्लॉक प्रमुख अर्चना गंगोला से हुआ। बीडीसी सदस्यों ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें अपना मुखिया चुना। विकासखंडों में एक कर्मचारी के तौर पर काम करने वाले विनोद प्रसाद अब गंगोलीहाट विकासखंड की सत्ता संभालेंगे। संवाद
कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन रद्द हुआ तो निर्दलीय को मिला समर्थन
गंगोलीहाट। ब्लॉक प्रमुख पद पर भाजपा, कांग्रेस प्रत्याशी के साथ निर्दलीय विनोद प्रसाद ने नामांकन कराया। कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन रद्द हो गया तो पार्टी समर्थित बीडीसी सदस्यों का निर्दलीय को समर्थन मिला। कांग्रेस के इस समर्थन से भाजपा को ब्लॉक की सत्ता से दूर होना पड़ा और विनोद प्रसाद की ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी तक पहुंचने की राह आसान हो गई।
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