बंगापानी (पिथौरागढ़)। तहसील मुख्यालय बंगापानी में स्थायी बस स्टैंड न होने के कारण क्षेत्र के 24 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य बाजार में व्यवस्थित बस स्टैंड की कमी के चलते यात्रियों को चलती बसों में ही चढ़ने और उतरने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इस अव्यवस्था के कारण न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा दांव पर लगी है, बल्कि बाजार में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
तहसील मुख्यालय होने के बावजूद बंगापानी में बस स्टैंड नहीं बन सका है। सिर्तोली, जाराजिबली, मवानी, दुबरिया, धामी सहित दो दर्जन से ज्यादा गांवों के लोग रोडवेज बस से सफर करते हैं। स्टॉपेज न होने से बस के कुछ देर ठहरने पर ही सड़क पर जाम लग जाता है। करीब दो हजार से अधिक की आबादी इस समस्या से प्रभावित है। क्षेत्र पंचायत सदस्य माया गोस्वामी और रेनू देवी ने प्रशासन से कई बार गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही स्टॉपेज नहीं बनाया गया तो लोग सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
बोले जनप्रतिनिधि-
बंगापानी में बस स्टैंड बनाए जाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। बीच सड़क पर ही यात्रियों को चढ़ना, उतरना पड़ता है, जिससे जाम की समस्या रहती है। लोग अब सड़कों पर उतरने का मन बना रहे हैं। -अनिल सिंह दुबरिया, ग्राम प्रधान मवानी
सवारियों को बस के इंतजार में सड़क किनारे, दुकानों के आगे खड़े रहना पड़ता है। ऐसे में सवारियों के साथ दुकानदार भी परेशान रहते हैं। -तुलसी देवी, ग्राम प्रधान, बंगापानी।
दो दर्जन से ज्यादा गांव बंगापानी में हैं। दो हजार से ज्यादा की आबादी के लिए बंगापानी में बस स्टैंड नहीं बन सका, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। लोगों को एकजुट कर आवाज उठाने की जरूरत है। -दुर्गा देवी, ग्राम प्रधान, जाराजिबली
बस रुकने के लिए जगह नहीं होने से यात्री परेशान रहते हैं। चलती बस में उतरने-चढ़ने से हादसों का डर बना रहता है। बंगापानी में बस स्टैंड बहुत जरूरी है। -कंचन देवी, ग्राम प्रधान, सिर्तोला