पिथौरागढ़। सीमांत के गांवों में बसे कई नेपाली परिवारों ने अपने नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज करा लिए हैं। ये नेपाली परिवार पंचायत चुनावों को प्रभावित करने की स्थिति में आ गए हैं। मजिरकांडा के लोगों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर नेपाली नागरिकों का नाम ग्राम सभा के परिवार रजिस्टर से हटाने की मांग जिलाधिकारी से की। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि नेपाली परिवारों के नाम नहीं हटाए गए तो वे आंदोलन करेंगे।
जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर स्थित झूलाघाट के मजिरकांडा गांव में कई नेपाली परिवार रहते हैं। इन नेपाली नागरिकों ने अपना नाम गांव के परिवार रजिस्टर में भी दर्ज करा लिया है। बड़ी संख्या में परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज होने से सभी के पास मतदाता पहचान पत्र भी हैं। अब ये नेपाली नागरिक मताधिकार का प्रयोग कर पंचायत चुनावों को प्रभावित करने की स्थिति में आ गए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि नेपाली परिवारों के मतदान करने के चलते उनके हकों पर कुठाराघात हो रहा है। सभी ग्रामीणों ने एक सुर से नेपाली नागरिकों के नाम परिवार रजिस्टर से हटाने की मांग की। कहा कि यदि इनके नाम नहीं हटाए गए तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने वालों में राजेंद्र प्रसाद भट्ट, चंद्रशेखर भट्ट, विजय भट्ट, प्रमोद कुमार भट्ट, सुरेश चंद्र, बबलू थापा, दिवाकर भट्ट, नवीन चंद्र भट्ट, राजेश्वरी भट्ट, चेतराज भट्ट, अमित पंगरिया, जगदीश जोशी, जगदीश चंद्र भट्ट, उमेश सिंह, भगवान सिंह, खीमानंद भट्ट, उमेद सिंह, दीपक भट्ट, रोहित चंद, गिरीश पंत, योगेश भट्ट, नवीन भट्ट, राजेश्वरी भट्ट, परमानंद, विनीता आदि ग्रामीण शामिल थे।