राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर विभिन्न संगठनों के लोगों ने खटीमा और मसूरी में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा उत्तराखंड हमेशा शहीदों का ऋणी रहेगा।
कार्यक्रम संयोजक जुगल किशोर पांडे के संचालन में शहीद स्मारक में शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। मोमबत्ती जलाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि उन शहीदों का बलिदान भुलाया नहीं जा सकता है, जिनकी शहादत से अलग राज्य बना। कहा कि बलिदानियों का उत्तराखंड हमेशा ऋणी रहेगा। वक्ताओं ने कहा कि गैरसैंण राजधानी बने, यह आंदोलनकारियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
श्रद्धांजलि सभा में बार संघ के अध्यक्ष मोहन चंद्र भट्ट, डॉ. दिनेश जोशी, कर्नल आरडी जोशी, गिरधर सिंह बिष्ट, मनोज जोशी, हेमंत महाराज, डीएन भट्ट, प्रेम सिंह बिष्ट, नरेंद्र चंद, पीसी जोशी, पुष्कर सिंह बिष्ट, रघुवीर सिंह, ललित शौर्य, दिवाकर जोशी, राकेश जोशी, कांग्रेस के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी, डॉ. सरस्वती कोहली, गोपाल दत्त सती, हरीश जोशी, प्रकाश बेलाल, कैलाश कुमार, दीपा जोशी, कमला बिष्ट आदि मौजूद थे। लोक गायक सुरेश प्रसाद सुरीला ने यह तन मेरा राख की ढेरी गीत की प्रस्तुति देकर माहौल गमगीन कर दिया।