चौकोड़ी के काफल ईको पार्क में दुर्लभ एरियमसेस सिलिंड्रोगैस्टर मकड़ी मिली है। पार्क के संस्थापक तरुण महरा और उनके भतीजे मानस महरा ने यहां इसकी मौजूदगी का दावा किया है और इसकी तस्वीर भी अपने कैमरे में कैद की है।
बेड़ीनाग में चौकोड़ी के काफल ईको पार्क में दुर्लभ एरियमसेस सिलिंड्रोगैस्टर मकड़ी मिली है। पार्क के संस्थापक तरुण महरा और उनके भतीजे मानस महरा ने यहां इसकी मौजूदगी का दावा किया है और इसकी तस्वीर भी अपने कैमरे में कैद की है। उनका दावा है कि भारत में सिर्फ दूसरी बार ही यहां यह मकड़ी नजर आई है। इससे पूर्व पश्चिम बंगाल में इसने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। आम तौर पर इस मकड़ी का प्रवास जापान में है।
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बेड़ीनाग में इसकी मौजूदगी जैव विविधता और पारिस्थितिकी संतुलन के लिए शुभ बताई जा रही है।तरुण महरा ने बताया कि बीते दिनों ईको पार्क में टहलते समय उनकी नजर इस मकड़ी पर पड़ी। बताया कि एरियमनेस सिलिंड्रोगैस्टर मकड़ी का दिखना देश के लिए दुर्लभ है। ऐसा इसलिए कि अब तक केवल चीन, ताइवान और हांगकांग में ही इसने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी।
भारत में यह दूसरी बार नजर आई है। इससे पहले वर्ष 1892 में पश्चिम बंगाल के ओ. पिकर्ड कैंब्रिज में यह मकड़ी देखी गई थी। उन्होंने बताया कि सीमांत जिले में इस मकड़ी का नजर आना दुर्लभ है जो पर्यावरणीय दृष्टि से शुभ संकेत है।