पिथौरागढ़ के निवर्तमान डीएम डा. रंजीत सिन्हा
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जिलाधिकारी डा. रंजीत सिन्हा का इस जिले में कार्यकाल ठीक पांच महीने का रहा। इस दौरान वह विधानसभा चुनावों को संपन्न कराने में ही व्यस्त रहे। 20 अक्तूबर 2016 को कार्यभार संभालने वाले डीएम सिन्हा का यहां से तबादला कर दिया गया है। उनके स्थान पर आईएएस अधिकारी सी रविशंकर राज्य गठन के बाद जिले के 18वें जिलाधिकारी के रूप में काम संभालेंगे, जबकि 1960 में अलग जिला बनने के बाद यहां पर 48 डीएम काम कर चुके हैं।
विधानसभा चुनावों से ठीक पहले चुनाव आयोग के निर्देश पर जिलाधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हुई तो पिथौरागढ़ में भी यह फेरबदल किया गया। उस समय यहां तैनात डीएम एचसी सेमवाल का 23 सितंबर 2016 को ट्रांसफर हो गया। उसके बाद करीब एक महीने तक यहां नए डीएम की तैनाती नहीं हो पाई। 20 अक्तूबर 2016 को डा. रंजीत सिन्हा ने यहां का कामकाज संभाला। चार जनवरी को विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई। उसके बाद प्रशासन चुनाव की तैयारी में व्यस्त हो गया। 15 फरवरी को मतदान और 11 मार्च को मतगणना हुई। डा. सिन्हा इस अवधि में जिला निर्वाचन अधिकारी के तौर पर ही ज्यादा काम देखते रहे। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही यह कयास लगाए जाने लगे कि नौकरशाही में फेरबदल होगा। प्रदेश सरकार ने इस फेरबदल की जो पहली लिस्ट जारी की उसमें डा. सिन्हा का नाम शामिल कर दिया।
सबसे छोटा कार्यकाल एमसी जोशी का
डीएम के तौर पर इस जिले में सबसे छोटा कार्यकाल एमसी जोशी का रहा। उन्होंने 29 जून 2011 को यहां का कार्यभार संभाला और 12 अक्तूबर 2011 को यहां से ट्रांसफर हो गए। उनका कार्यकाल सिर्फ तीन महीने 13 दिन का ही रहा। अलबत्ता कई अन्य जिलाधिकारियों का कार्यकाल भी एक वर्ष से कम का रहा था। इनमें अब यूएसनगर के डीएम बनाए गए डा. नीरज खैरवाल भी शामिल हैं। वह इस जिले में 27 मई 2013 से 25 फरवरी 2014 तक डीएम रहे।
सेमवाल ने दो बार डीएम पद संभाला
एचसी सेमवाल उन सौभाग्यशाली आईएएस में शामिल हैं जिनको दो बार इस जिले की कमान सौंपी गई। सेमवाल 26 फरवरी 2014 से 15 जनवरी 2015 तक पहली बार और 3 नवंबर 2015 से 23 सितंबर 2016 तक इस जिले में डीएम रहे। इससे पहले वह डीडीहाट में एसडीएम और पिथौरागढ़ में सीडीओ के तौर पर भी काम कर चुके थे।