कैलास मानसरोवर यात्रा के सफल संचालन के लिए आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मिर्थी ने तैयारियां शुरू कर दी है। यात्रा दल में जाने वाले यात्रियों को मेडिकल सुविधा देने और भारत और चीन के बीच यात्रा के दौरान संचार व्यवस्था स्थापित करने के लिये 20 सदस्यीय टीम को गुंजी रवाना कर दिया गया।
7वीं वाहिनी आईटीबीपी मिर्थी के कार्यवाहक सेनानायक मुकेश कुमार यादव ने बताया कि 12 जून को मिर्थी पहुंचने वाले प्रथम यात्रा दल के स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र के गुंजी पड़ाव में आईटीबीपी ने यात्रियों के मेडिकल चेकअप के लिये 1 डाक्टर सहित 10 पैरामेडिकल टीम के सदस्यों को रवाना कर दिया है। गुंजी में यात्रियों का मेडिकल परीक्षण काफी अहम होता है। इस मेडिकल में प्रत्येक यात्री का गहनता से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। मेडिकल के दौरान ब्लड प्रेशर, शुगर आदि की जांच की जाती है।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में अधिकतर यात्री माउटेंन सिकनेस की चपेट में आ जाते हैं। इससे निपटने के लिये यात्रियों को हाइपो बैग की मदद से आक्सीजन दी जाती है। सितंबर तक चलने वाली कैलास मानसरोवर यात्रा के दौरान तिब्बत से यात्रियों की जानकारी लेने के लिए आईटीबीपी गुंजी में वायरलेस सेट को स्थापित करती है, जो तिब्बत के तकलाकोट से जुड़ी होती है। यात्रा के तिब्बत में रहने के दौरान इसी संचार के माध्यम से यात्रियों से जुड़ी जानकारी आईटीबीपी यात्रियों के परिवारजनों, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और राज्य सरकार को उपलब्ध कराती है।
जिला पुलिस ने भी अपने कर्मचारी तैयार किए
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर तैनात होने वाले पुलिसकर्मियों की सूची तैयार कर ली गई है। इसके अलावा एसडीआरएफ की टीम भी यात्रा मार्ग में तैनात रहेगी। पुलिस का वायरलेस सेट यात्रा मार्ग में स्थापित होगा। कर्मचारियों की रवानगी छह जून तक हो जाएगी। पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा ने बताया कि यात्रा मार्ग पर पुलिस अपने स्तर से पुख्ता इंतजाम करेगी।