डॉक्टर नहीं होने से तहसील देवलथल के अलगड़ा में राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल एक साल से बंद पड़ा है। लोगों ने बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया और तत्काल डॉक्टर की तैनाती न होने पर उग्र आंदोलन की धमकी दी। लोगों का कहना है कि पिछड़े इलाकों की स्वास्थ्य सेवाओं को सरकार ने भगवान भरोसे छोड़ दिया है। लोगों को छोटे-मोटे इलाज के लिए भी 40 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल दौड़ना पड़ रहा है। लोगों ने बुंगाछीना से अलगड़ा तक बनी सड़क की दशा सुधारने की भी मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सरकार ने अलगड़ा में आयुर्वेदिक अस्पताल खोलकर यह भरोसा दिलाया था कि अब लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिलने लगेगी। इसका परिणाम ऐसा हुआ कि एक वर्ष पूर्व डॉक्टर का यहां से स्थानांतरण हो गया और उनकी जगह नई तैनाती नहीं की गई। अस्पताल में तैनात फार्मेसिस्ट को आसपास के अन्य अस्पतालों की जिम्मेदारी दे दी गई। इस कारण वह अलगड़ा अस्पताल को ज्यादा समय नहीं दे पा रहे हैं।
इस अव्यवस्था से नाराज लोगों ने कहा कि यदि अस्पताल के संचालन के लिए स्टाफ तैनात नहीं हो सकता तो अस्पताल को बंद करने का ही आदेश जारी कर देना चाहिए। जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने कहा कि यह विभाग की घोर लापरवाही का परिणाम है। प्रदर्शन में आनंदी देवी, गोविंदी देवी, सुनीता देवी, खीमा देवी, पुष्पा देवी, बसंती देवी, महेश प्रसाद, गोविंद प्रसाद, प्रवीण कुमार, गोपाल राम आदि थे।