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मुवानी की रामलीला में हुआ बाली वध

Wed, 25 Nov 2015 05:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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मुवानी की रामलीला में भगवान राम की सुग्रीव से मित्रता, बाली वध, सुग्रीव राज्याभिषेक की लीला का मंचन किया गया। ठंड के बावजूद रामलीला को देखने के लिए भारी संख्या में दर्शक पहुंच रहे हैं।
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सीता हरण कर ले जा रहे रावण को गिद्धराज जटायु रोकते हैं, उनका रावण से तीखा संवाद होता है। रावण से लड़ाई में जटायु गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। सीता माता को ढूंढते हुए पहुंचे राम, लक्ष्मण को घायलावस्था में जटायु मिलते हैं। जटायु भगवान राम को बताते हैं कि रावण सीता माता का हरण कर ले गया है। जटायु प्राण त्याग देते हैं। भगवान राम उनका अंतिम संस्कार करते हैं। इसके पश्चात भगवान राम, लक्ष्मण भक्त सबरी के आश्रम पहुंचते हैं। सबरी ऋष्यमूक पर्वत जाकर सुगीव से मित्रता की सलाह देते हैं।
राम, लक्ष्मण को आता देख सुग्रीव हनुमान को उनका पता लगाने भेजते हैं। भगवान राम के पास हनुमान कहते हैं-को तुम श्यामल गौर शरीरा, क्षत्रिय रूप धरेहूं वन वीरा। प्रभु राम कहते हैं ‘कौशलेश दशरथ के जाये, हम पितु’ ‘मातु वचन वन आए’। इस पर हनुमान दोहा गाते हैं ‘एक मंद मैं मोह वश, कीस हृदय अज्ञान, पुनि प्रभु मोहि बिसारेहूं, दीनबंधु भगवान’। हनुमान राम और लक्ष्मण को लेकर ऋष्यमूक पर्वत जाते हैं। बाली-सुग्रीव की लड़ाई में भगवान राम के बाण से बाली मारा जाता है। सुग्रीव राज्याभिषेक के बाद बानरी सेना को सीता की तलाश में भेजने तक की लीला हुई।
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