बागेश्वर के चुचेर गांव से मुवानी के पास बैगनगाड़ा गांव में आई एक बारात में शामिल होने आए किशोर की रामगंगा पार करते समय डूबने से मौत हो गई। इस किशोर के साथ फॉरेस्टर भी नदी पार कर रहे थे, लेकिन उन्होंने तैरकर जान बचा ली। पुलिस ने करीब तीन घंटे बाद किशोर का शव बरामद कर लिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार चुचेर गांव के रतन सिंह कोरंगा के बेटे उमेद सिंह कोरंगा की बारात शनिवार को बैगनगाड़ा गांव आई थी। बारात एक दिनी की थी। कुछ बाराती पहले निकल गए थे, लेकिन फॉरेस्टर पूरन सिंह कार्की और 14 वर्षीय कवींद्र सिंह कोरंगा पुत्र हयात सिंह कोरंगा रास्ता भटक गए। उनको बैगनगाड़ा गांव जाने के लिए झूलापुल नहीं मिल पाया। इस कारण उन्होंने नदी पार कर बैगनगाड़ा पहुंचने का फैसला लिया। पुलिस ने बारातियों से पूछताछ के बाद बताया कि नदी पार करते समय कवींद्र का पांव फिसल गया। उसे बचाने के लिए फॉरेस्टर ने काफी दूर तक प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हुए।
उन्होंने घटना की जानकारी बारातियों को दी। सूचना पर थल थाने से उपनिरीक्षक केशर राम के नेतृत्व में गई पुलिस टीम ने कवींद्र का शव करीब दो किलोमीटर दूर बरामद कर लिया। पुलिस शव को लेकर थल पहुंची और पंचनामा भरकर शव बारातियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। घटना से बारातियों में शोक की लहर है। हालांकि, तब तक बारात का कार्यक्रम संपन्न हो चुका था। कवींद्र चुचेर के स्कूल में कक्षा आठ में पढ़ता था।