रामगंगा में डूब रहे बिजली के पोल
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तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से नामिक ग्लेशियर से निकलने वाली रामगंगा पूर्वी विकराल रूप लेती जा रही है। भैंसखाल ग्राम पंचायत में 18 परिवारों की 40 नाली, बजानी तोक में 9 परिवारों की करीब 55 नाली जमीन रामगंगा के कटाव से बह गई है। मुनस्यारी को जाने वाली 33 केवी के तीन बिजली के पोल रामगंगा की जद में आ गए हैं। इस कारण मुनस्यारी में बिजली संकट पैदा हो सकता है।
रामगंगा पिछले कई दिनों से उफान पर थी। शुक्रवार रात से रामगंगा प्रचंड प्रवाह से बह रही है। पानी ने गंगा के तटों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। भैंसखाल के पूरन सिंह, दिनेश सिंह, मनोज सिंह, धन सिंह, बलवंत सिंह, प्रताप सिंह, पूरन सिंह मेहरा, शेर सिंह, रमेश सिंह, सुरेंद्र सिंह, नीरज सिंह, पुष्कर सिंह, चंद्र सिंह, चंद्रा देवी और इसी गांव के छीपा तोक में नैन सिंह, कैलास सिंह, नरेंद्र सिंह, कुंदन राम की करीब 40 नाली जमीन गंगा के बहाव में बह गई है।
बांसगून के बजानी तोक निवासी प्रेम सिंह और अमर सिंह की 30 नाली जमीन जलमग्न हो गई है। इसी तोक में भैंसखाल के लोगों की 25 नाली जमीन को नदी बहा ले गई है। धान के खेतों के बहने से 27 परिवारों के सामने दो जून की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। खेती योग्य भूमि बहने से ये परिवार बेहद परेशान हैं। क्षेत्र के लोगों ने प्रभावित किसानों को मुआवजे के साथ ही जमीन आवंटन करने की मांग की है।
इसके अलावा नदी मुनस्यारी को जा रही बिजली की लाइन के लिए भी खतरा बन गई है। नाचनी में बिजली के तीन पोल जलमग्न हो गए हैं। नदी का जलस्तर बढ़ा और पोलों को पानी और बोल्डरों से नुकसान पहुंचा तो पोल गिर जाएंगे। इससे मुनस्यारी समेत तमाम इलाकों की बिजली व्यवस्था ठप हो जाएगी।