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राम को वनवास दिलाकर ही मानी कैकेयी

Sat, 17 Oct 2015 06:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़ की रामलीला में राम-सीता विवाह, राज्याभिषेक की तैयारी के साथ कैकेयी के कोपभवन में जाने की लीला का मंचन किया गया। गंगोलीहाट, थल, मुनस्यारी में रामलीला जारी है।
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पिथौरागढ़ की रामलीला सदर और टकाना की रामलीला में शुक्रवार को राम-सीता विवाह और विदाई का मंचन किया गया। राजा दशरथ राम राज्याभिषेक की घोषणा करते हैं, कैकेयी की दासी मंथरा रानी कैकेयी के मन में भरत को राजगद्दी दिलाने की बात बिठा देती है। कैकेयी कोपभवन में जा बैठती है। राजा दशरथ कैकेयी को काफी समझाते हैं लेेकिन वह राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत को राजगद्दी का वर मांग कर ही मानती हैं।

मुनस्यारी की रामलीला में सीता स्वयंवर का मंचन हुआ। थल की रामलीला में  ताड़का वध, सीता जन्म से गौरीपूजन तक की लीला हुई। गंगोलीहाट में ताड़का वध अहिल्यातारण और गौरीपूजन का मंचन हुआ।
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