डीडीहाट में प्रशासन को ज्ञापन सौंपते राजस्व उपनिरीक्षक
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जिले के राजस्व उपनिरीक्षकों ने शुक्रवार से पुलिस कार्य छोड़ दिया। अब गांवों की सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे हो गई है।
पिथौरागढ़ जिले का 60 प्रतिशत क्षेत्र राजस्व में शामिल हैं। जिले में वर्तमान में 144 राजस्व उपनिरीक्षक तैनात हैं। राजस्व उपनिरीक्षकों के पास भू-अभिलेखों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली आपराधिक गतिविधियों की रिपोर्ट पटवारी चौकियों में ही दर्ज की जाती है।
12 जनवरी को हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि छह माह बाद पटवारी राजस्व क्षेत्र में पुलिस कार्य नहीं करेंगे। इस पर 13 जुलाई से पटवारियों ने पुलिस कार्य बंद कर दिया है। पिथौरागढ़ जिले में वर्तमान में 15 पुलिस थाने और 10 चौकियां हैं। यदि सरकार रेगुलर पुलिस को ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सौंपती है तो वर्तमान में मौजूद पुलिस स्टाफ आधे राजस्व क्षेत्र के लिए भी पर्याप्त नहीं होगा।
वहीं, डीडीहाट में राजस्व उपनिरीक्षकों ने पुलिस कार्य से संबंधित अभिलेखों का बस्ता एसडीएम कार्यालय में सौंप दिया। राजस्व उपनिरीक्षक शुक्रवार को पटवारी संघ के संरक्षक शहवान अली के नेतृत्व में तहसील कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नायब तहसीलदार को संबोधित ज्ञापन में कहा है कि उच्च न्यायालय की डबल बैंच ने पटवारियों के एफआईआर दर्ज करने, विवेचना और चालान करने पर रोक लगाई है। इस दौरान तनुजा भंडारी, तीरथ सिंह, दीपक कोली आदि थे।
इस संबंध में शासन से अभी कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। राजस्व उपनिरीक्षकों ने भी पुलिस कार्यों को नहीं करने की सूचना प्रशासन को नहीं दी है।
-आरडी पालीवाल, एडीएम, पिथौरागढ़
राजस्व क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में फिलहाल कोई निर्देश नहीं मिले हैं। जो भी दिशा-निर्देश मिलेंगे, उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा।
- रामचंद्र राजगुरु, एसपी, पिथौरागढ़।