मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग पर दरकोट बैंड के पास चट्टान दरकने से सड़क बंद हो गई। पत्थरों की चपेट में आने से बीआरओ का एक मजदूर घायल हो गया। जौलजीबी-मदकोट सड़क कई स्थानों में यातायात संचालन लायक नहीं रह गई है। थल-मुनस्यारी सड़क भी कई स्थानों में क्षतिग्रस्त है। 15 दिन बाद भी जिले की कई सड़कें बंद पड़ी हैं।
सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे चट्टान दरकने से भारी मात्रा में मलबा आ गिरा। एक भारी बोल्डर निचली सड़क को पार करते हुए सड़क के नीचे स्थित तल्ला दुम्मर गांव के ऊपर जा रुका। बोल्डर गांव पर गिरता तो जानमाल का नुकसान हो सकता था। इसी सड़क के ठीक नीचे सड़क पर बीआरओ के मजदूर काम कर रहे थे, बोल्डर से बचने के चक्कर में बीआरओ के मजदूर हयात राम के पैर में चोट आ गई। बीआरओ के मजदूर सड़क पर गिरे मलबे को हटाने के काम में जुटे हैं। सड़क में इतना अधिक मलबा गिरा है कि सोमवार को सड़क खुल पाना संभव नहीं है।
दो जुलाई की बारिश जिले पर आफत बनकर बरसी है। जौलजीबी-मदकोट-मुनस्यारी सड़क उमरगड़ा के पास जौलगाड़, घिंघरानी समेत तमाम स्थानों में यातायात संचालन लायक नहीं रह गई है। जौलगाड़ नाला उफान पर होने से वाहनों का संचालन ठप हो गया है। थल-मुनस्यारी सड़क रातीगाड़, रातापानी समेत तमाम स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त है। न्यू सोबला-सेला तिदांग, तवाघाट-कंज्योति, मदकोट-दारमा, जौलजीबी-मदकोट, मदकोट-बोना, मुनस्यारी-हरकोट चौना, गिनीबैंड-समकोट, बांसबगड़-कोटा समेत कई सड़कें अब भी बंद पड़ी हैं।
नाले में बही महिला का शव मिला
नाचनी (पिथौरागढ़)। शनिवार को बाथी नाले में बही गौला गांव की हरुली देवी (36) पत्नी चंद्र सिंह का शव रविवार को घटनास्थल से 2 किमी नीचे रामगंगा के नजदीक बरामद हुआ है। पुलिस ने पंचनामा भर कर शव को ग्रामीणों की मदद से 18 किमी दूर पैदल देकुना पहुंचाया। वहां से शव को वाहन से तेजम अस्पताल पहुंचाया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुनस्यारी से डॉ. हेमंत मर्तोलिया के नेतृत्व में तेजम पहुंची टीम ने सोमवार को शव का पोस्टमार्टम किया। तेजम में रामगंगा और जाकुला नदी के संगम में शव का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के दो बच्चे जानकी 13, कमल 10 वर्ष है। पति चंद्र सिंह भी अस्वस्थ हैं। प्रधान आनुली देवी ने परिवार की मदद की मांग की है। खोज अभियान में थानाध्यक्ष सुनील बिष्ट, पुलिस टीम, होकरा के प्रधान सुंदर सिंह, मोहन सिंह, खुशाल सिंह आदि शामिल थे। ब्यूरो।