नाचनी के हुपली गांव में अंधड़ से चौपट धान की फसल
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तेज बारिश और आंधी-तूफान से हुपली में 30 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की पकने को तैयार फसल चौपट हो गई है। बारिश की मार किसानों पर ऐसी पड़ी है कि सालभर के खाने लायक भी चावल शायद ही हो पाए। हुपली के प्रधान गोविंद सिंह चुफाल ने एसडीएम मुनस्यारी को दिए पत्र में फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
ग्राम प्रधान ने कहा है कि इलाके में धान की अच्छी फसल होती है। गांव के लोगों को सालभर खाने के चावल तो मिलते ही हैं, कुछ लोग धान बेचकर भी आजीविका चला लेते थे। लगातार हो रही बारिश से धान की फसल चौपट हो गई है। बारिश ने धान के खेतों को तहस-नहस कर डाला है। बारिश के साथ आए आंधी-तूफान ने भी फसल को नष्ट कर दिया है। कहा कि फसल को 18 और 19 सितंबर को हुई बारिश से अधिक नुकसान पहुंचा।
इसके अलावा जंगली जानवर, चूहे भी फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। इनसे फसल को बचाने के लिए ग्रामीणों को जूझना पड़ता है। ठीक समय में बारिश होने से किसान परेशान हैं। फसल पकने में 10 दिन ही शेष बचे थे। लोग अच्छी फसल होने से खुश थे। अब उन्हें सालभर के राशन की चिंता सता रही है। ग्राम प्रधान ने कहा कि ग्राम पंचायत के किसानों को शीघ्र सहायता नहीं मिली तो वह लोग दो जून की रोटी के लिए तरस जाएंगे।