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तीन माह बाद हुई राहत की बारिश

Tue, 12 Dec 2017 10:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
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बर्फ से लकदक मुनस्यारी का खलियाटॉप - फोटो : अमर उजाला
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लगभग तीन महीने बाद जिले में सोमवार रात से मंगलवार की सुबह तक हुई बारिश से लोगों को राहत मिली है। ताजा बारिश से जमीन में नमी का स्तर बढ़ गया है। धारचूला में सबसे ज्यादा 26 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई, जबकि गंगोलीहाट में सबसे कम 3 एमएम बारिश हुई। जिले में सितंबर के तीसरे हफ्ते में बारिश हुई थी। उसके बाद मौसम एकदम शुष्क हो गया था।
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जिला मुख्यालय में सोमवार की रात दो बजे से बारिश होने लगी थी। यह क्रम सुबह छह बजे तक जारी रहा। उसके बाद मंगलवार को सुबह 12 बजे फिर से बौछारें गिरी। बारिश से धूल और धुंध समाप्त हो गई है। कृषि वैज्ञानिकों ने ताजा बारिश को फसलों और सब्जियों के लिए बेहतर बताया है। जिन इलाकों में नमी की कमी से गेहूं और मसूर की फसलों की वृद्धि रुक गई थी, उनको बारिश से फायदा मिलेगा। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने कहा कि किसानों को खेतों में खाद का छिड़काव करना चाहिए। साथ ही इस सीजन में बोई जाने वाली सब्जी बीजों का रोपण करना चाहिए।

कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-11.8 एमएम
बेड़ीनाग-6.0 एमएम
मुनस्यारी-17.0 एमएम
गंगोलीहाट-3.0 एमएम
डीडीहाट-10.0 एमएम
धारचूला-26.0 एमएम

थल-मुनस्यारी मार्ग पर नौ घंटे बंद रहा यातायात
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। थल-मुनस्यारी मार्ग पर कालामुनि के पास भारी हिमपात होने से नौ घंटे यातायात बंद रहा। यह सड़क तड़के तीन बजे बंद हो गई थी और दोपहर 12 बजे सड़क से बर्फ हटने के बाद ही यातायात सुचारु हो पाया। लोक निर्माण विभाग ने मंगलवार सुबह छह बजे से बर्फ हटाने के लिए जेसीबी तैनात कर दी थी। मुनस्यारी नगर में मंगलवार सुबह हल्का हिमपात हुआ। नगर के आसपास की सभी पहाड़ियां बर्फ से लकदक हो गई हैं।
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3200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित खलियाटॉप में जमकर बर्फ गिरी है। वहां सभी रिजॉर्ट और होटलों के आसपास बर्फ के ढेर लगे हैं। मुनस्यारी के बलाती फार्म, बेटुलीधार, नया बस्ती, मिलम, नामिक में काफी हिमपात हुआ है। वहीं, इस बार समय पर हिमपात होने से पर्यटन व्यवसायियों में खुशी है। मोनाल संस्था के सचिव सुरेंद्र पंवार ने बताया कि खलियाटॉप में गिरी बर्फ अब नए साल के आने तक नहीं पिघलेगी। यदि इस बीच में फिर से हिमपात हुआ तो नववर्ष के स्वागत के लिए पर्यटकों की संख्या बढ़ जाएगी। मुनस्यारी के होटल व्यवसायी देवेंद्र देवा ने बताया कि समय पर हिमपात होना अच्छे लक्षण हैं।

आईटीबीपी ने जारी किया हाई अलर्ट
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की सातवीं वाहिनी ने उच्च हिमालयी क्षेत्र की अग्रिम पोस्टों में तैनात जवानों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है। जवानों से कहा गया है कि बर्फबारी के समय किसी भी दशा में पोस्ट से बाहर न निकलें। सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि इस समय सारा इलाका अलग-थलग है। कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग बर्फ से पट गया है। उन्होंने कहा कि छियालेख में 1.5 फुट, गुंजी में 2 फुट, कालापानी में 2 फुट और नाभीढांग, कुटी, ज्योलिंगकांग में 3 फुट तक बर्फ गिर चुकी है। इन इलाकों में अब भी हिमपात हो रहा है। जवानों से कहा गया है कि बर्फबारी थमने के बाद सबसे पहले एक चौकी से दूसरी चौकी तक संपर्क बनाने का काम किया जाए।

पिथौरागढ़ और बेड़ीनाग में पांच घंटे बिजली सप्लाई ठप
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय और बेड़ीनाग में खराब मौसम के दौरान रात तीन बजे से बिजली सप्लाई ठप हो गई। सुबह आठ बजे विद्युत सप्लाई सुचारु होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। बताया गया कि बारिश के दौरान तारों के टूटने और जलने से यह समस्या पैदा हुई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉ. आरएस राणा ने बताया कि विद्युत सप्लाई बहाल करने के लिए जिलाधिकारी सी रविशंकर ने विभाग को निर्देश जारी किए थे।

जिला मुख्यालय में पेयजल सप्लाई भी बाधित रही
पिथौरागढ़। विद्युत व्यवधान के दौरान जिला मुख्यालय के अधिकांश हिस्सों में पेयजल सप्लाई बाधित रही। बताया गया कि पंपों के न चलने के कारण टंकियों तक पानी नहीं पहुंच पाया। इस कारण नगर के घंटाकरण, खड़कोट, सेरा, लुंठ्यूड़ा, जीआईसी मोहल्ला में लोग पेयजल के लिए खासे परेशान रहे। अधिकारियों के अनुसार विद्युत व्यवधान के कारण पानी लिफ्ट नहीं हो पाया। बुधवार को सप्लाई सामान्य हो जाएगी।
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