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लोगों की जान खतरे में डाल रहा बिजली महकमा

Thu, 29 Jan 2015 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कलानीछीना , पिथौरागढ़
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बिजली विभाग कनालीछीना क्षेत्र में लोगों की जान खतरे में डाल रहा है। कनालीछीना के सभी 92 ग्राम पंचायतों में विभाग ने पेड़ों में झूलते तारों को अलग करने के लिए सालों से पेड़ों की छंटाई नहीं की गई है। पेड़ों से होकर गुजर रहे तारों से कई गांवों में करंट दौड़ रहा है। झूलते तारों से न केवल हजारों की आबादी को खतरा है बल्कि राजकीय बालिका इंटर कालेज की छात्राएं तो हर समय खतरे के साए में हैं।    
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कनालीछीना कस्बे में ही पेड़ों में करंट दौड़ते तार चिपके हुए हैं। जीजीआईसी से लेकर कनालीछीना बाजार, कनालीछीना बाजार से सिरोली तक पांच किमी हिस्से में खतरनाक स्थिति में लाइनें पेड़ों से लगी हैं। कनालीछीना, सिरोली, पाली, ख्वांतड़ी, रतोली, डुंगरी, समतड़ समेत विकासखंड के 92 ग्राम पंचायत और ड्योड़ा से पीपली जाने वाली लाइन से नेपाल के लाली गांव को भी 100 किलोवाट बिजली जाती है, यह लाइन भी पेड़ों में झूलकर खतरे का सबब बनी हुई है।

ख्वांतड़ी के ग्राम प्रधान केदार सिंह सामंत कहते हैं कि पेड़ों से चिपकी लाइन से ख्वांतड़ी में करंट फैलता है। कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है। कहते हैं इसी कारण बीते 15 दिसंबर को हुई बर्फबारी से लाइन के आपस में टकराने से इलाके में 15 दिन तक बिजली नहीं आई थी। सिरोली के ग्राम प्रधान मनोज सिरोला कहते हैं सिरोली में 33 केवी का सब स्टेशन बना है। सिरोली में ही हालात खतरनाक हैं। वह कहते हैं कि इस सबके लिए ठेकेदार और विभागीय अधिकारी मुख्य रूप से जिम्मेदार है। पेड़ों की छंटाई के नाम पर धन को खपाया जाता है। बीडीसी बैठक में भी लापिंग का मामला उठाया गया, लेकिन विभाग हरकत में नहीं आया। वहीं जेई भीम राम आर्या लापिंग की समस्या से अनभिज्ञ हैं। कनालीछीना से प्रतिमाह में पांच लाख का राजस्व जाता है, लेकिन लो वोल्टेज, आए दिन बिजली संकट झेलना यहां के लोगों की मजबूरी है।
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अधिकारी करते हैं छंटाई के आदेश देने की बात
कनालीछीना। यूपीसीएल के उपखंड अधिकारी वीके बिष्ट कहते हैं कि क्षेत्र में सभी ठेकेदारों को पेड़ों की छंटाई के आदेश दे दिए गए हैं। एक सप्ताह में उनसे रिजल्ट मांगा जाएगा। लाइनें ठेकेदारों के हवाले करने के सवाल पर कहते हैं कि कर्मचारियों की कमी के कारण लाइनें ठेकेदारों के अधीन करनी पड़ी हैं। बताते हैं कि प्रत्येक ठेकेदार को सब स्टेशन में कम से कम 17 लोग लाइनों की देखरेख के लिए रखने का नियम है। बात हकीकत की करें तो कनालीछीना सब स्टेशन में ठेकेदार ने लाइनों की देखरेख के लिए मात्र सात आदमी रखे हैं। विभाग ठेकेदार को 17 मजदूरों के हिसाब से भुगतान करता है।
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