गुड़ौली के पास मलबा हटाती जेसीबी
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मंगलवार रात जिले में हुई भारी बारिश से कई सड़कों पर मलबा पट गया। पिथौरागढ़-अल्मोड़ा रोड पर ध्याड़ी के पास बुधवार सुबह करीब चार बजे मलबा गिरने से वाहनों की आवाजाही पांच घंटे तक बंद रही। पिथौरागढ़ से अल्मोड़ा, हल्द्वानी, नैनीताल को जाने वाले वाहन ध्याड़ी पर काफी देर तक फंसे रहे। हल्द्वानी से अखबार लेकर आने वाली गाड़ियों को भी कई घंटे इंतजार करना पड़ा।
उधर, पिथौरागढ़-तवाघाट मार्ग पर गुड़ौली के पास बुधवार सुबह 7.30 बजे भारी मलबा गिर गया। सीमा सड़क संगठन ने तत्काल मलबा हटाना शुरू किया। चार घंटे बाद 11.30 बजे मलबा हटाया गया। तब जाकर वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। बीआरओ के साइड इंचार्ज विशन सिंह पिंगल ने बताया कि गुड़ौली के पास एक स्थान पर पहाड़ी से लगातार मलबा गिर रहा है। इस स्थान को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। इस रोड पर लखनपुर और पिनौड़ीगाड़ में भी मलबा आने का खतरा बना है।
सातशिलिंग-थल मार्ग पर बुंगाछीना के पास बुधवार सुबह मलबा गिरने से करीब एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही। मलबा कम मात्रा में था, इसलिए इसे तत्काल हटा दिया गया। थल-मुनस्यारी रोड पर बनिक के पास खतरों के बीच वाहन चल रहे हैं। मुनस्यारी-जौलजीबी मार्ग पर घिंघरानी के पास लगातार पत्थर गिर रहे हैं। बुधवार को इस रोड पर भी सुबह एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। पिथौरागढ़ से गंगोलीहाट जाने वाली रोड पर भूलगांव के पास मलबा गिर गया। इस कारण यातायात सुबह दो घंटे तक बंद रहा। जिले में अभी बारिश का क्रम जारी है और सड़कों पर मलबा गिरने का खतरा बना है।
24 घंटे में कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-25.4 एमएम
गंगोलीहाट-49.0 एमएम
बेड़ीनाग-54.2 एमएम
डीडीहाट-16.5 एमएम
मुनस्यारी-19.0 एमएम
धारचूला-43.2 एमएम
भारी बारिश का अलर्ट अभी जारी
पिथौरागढ़। जिले में अगले 24 घंटे तक भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय ने मौसम विभाग से मिले पूर्वानुमान के आधार पर बताया कि बृहस्पतिवार शाम तक कुछ हिस्सों में तेज बारिश की संभावना है। लोगों से अपील की गई है कि सफर के समय सावधानी बरतें। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को संवेदनशील स्थानों पर नजर रखने को कहा है।
नदियों का जलस्तर फिर से बढ़ा
पिथौरागढ़। लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। बुधवार को महाकाली का जलस्तर 888.7 मीटर नापा गया। महाकाली में खतरे का निशान 890 मीटर पर है। गोरी का जलस्तर बुधवार को 605 मीटर रहा। गोरी में खतरे का निशान 607 मीटर पर है। सरयू का जलस्तर बुधवार को 450.2 मीटर तक पहुंच गया। सरयू में खतरे का निशान 453 मीटर पर लगा है। जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने लोगों से अपील की कि नदियों के किनारे जाने का प्रयास न करें।