पिथौरागढ़। टीईटी की बाध्यता खत्म करने और पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर प्राथमिक शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों के समर्थन में शिक्षकों की ओर से किए गए कार्य बहिष्कार और धरने के कारण जिले भर के प्राथमिक स्कूलों में तालाबंदी जैसी स्थिति रही, जिससे आठ हजार से अधिक छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हुई।
जिले के बिण, मूनाकोट, कनालीछीना, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, मुनस्यारी, धारचूला और डीडीहाट विकासखंडों में प्राथमिक शिक्षकों ने धरना देते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बिण और मूनाकोट के शिक्षक कलेक्ट्रेट के बाहर जुटे और उन्होंने सरकार को जमकर कोसा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने आरटीई के तहत सेवा में बने रहने के लिए सभी शिक्षकों के लिए टीईटी की बाध्यता लागू की है जो गलत और अव्यावहारिक है। सरकार को इसमें संशोधन करते हुए इस बाध्यता को खत्म करना होगा।
उन्होंने कहा कि सांसद, विधायकों की पेंशन लगातार बढ़ाई जा रही है। यदि एक दिन के भी कोई नेता सांसद या विधायक बनता है तो उसे जीवन भर पेंशन मिलती है। अपना पूरा जीवन जनसेवा में समर्पित करने वाले सरकारी कर्मियों को पेंशन से वंचित कर दिया गया है। पेंशन हर कर्मचारी का हक है। सरकार को शिक्षकों और अन्य कर्मियों की पेंशन बहाली करनी होगी। चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। वहीं प्राथमिक शिक्षकों के कार्य बहिष्कार से स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों को बगैर ज्ञान लिए ही घर लौटना पड़ा।
धरना देने वालों में संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र वल्दिया, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज कुमार, कोषाध्यक्ष अंशुमन पंत, मंत्री राजेंद्र जोशी, कैलाश भट्ट, सतीश कापड़ी, भरत सिंह देउपा, राजेंद्र जोशी, आशीष कपिल, अरविंद खत्री आदि थे।