चंपावत। जिले में रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। खासकर केला और अंडे की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने लोगों का घरेलू बजट प्रभावित कर दिया है।
लोगों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के कारण अब बच्चों के लिए नियमित रूप से फल और अंडे खरीदना भी मुश्किल होता जा रहा है।
स्थानीय बाजार में पहले 60 रुपये प्रति दर्जन बिकने वाला केला अब 70 रुपये प्रति दर्जन मिल रहा है। इसी तरह अंडे की कीमत भी बढ़ गई है। पहले एक अंडा आठ रुपये में मिल जाता था, जबकि अब इसके लिए 10 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। वहीं पहाड़ी अंडा 15 रुपये प्रति नग बिक रहा है।
सब्जी विक्रेता डूंगर देव भट्ट ने बताया कि पिछले महीने से केले के दाम में करीब 10 रुपये प्रति दर्जन की बढ़ोतरी हुई है। उनका कहना है कि बाहर से आने वाला केला पहले की तुलना में महंगा पहुंच रहा है, जिसका असर स्थानीय बाजार पर भी पड़ा है।
सब्जी विक्रेता अमित जोशी ने बताया कि करीब 15 दिन पहले अंडों की कीमतों में इजाफा हुआ है। थोक बाजार से अंडे महंगे मिलने के कारण खुदरा मूल्य बढ़ाना पड़ा है।
उन्होंने बताया कि बाहरी अंडे 10 रुपये प्रति नग और पहाड़ी अंडे 15 रुपये प्रति नग के हिसाब से बिक रहे हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती खाद्य वस्तुओं की कीमतों से परिवार का मासिक बजट बिगड़ रहा है। यदि महंगाई इसी तरह बढ़ती रही तो पौष्टिक आहार को नियमित रूप से खरीद पाना मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए और कठिन हो जाएगा।