अगर आप कैलास यात्रा पर जा रहे हैं तो मुश्किलों का सामना करने के लिए तैयार हो जाएं। 89 किमी के पैदल सफर में आपको खस्ताहाल सड़क और सात डेंजर जोन से गुजरना होगा।
कैलास यात्रा में अब कुछ ही दिन शेष रह जाने के बावजूद भी पिथौरागढ़ जिले में स्थित यात्रा मार्ग की हालत बेहद खराब है।
पैदल मार्ग जगह-जगह पत्थरों और बजरी से पटा है तो कई जगह डेंजर जोन भी हैं।
आईटीबीपी ने मार्ग से संबंधित जानकारी गृह मंत्रालय और जिला प्रशासन को भेज दी है।
प्रशासन के मुताबिक इस बार कैलास मानसरोवर यात्रा नौ जून से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगी। कुल 18 दल इस बार यात्रा में हिस्सा लेंगे।
यात्रा शुरू होने में करीब एक माह बचे हैं लेकिन तैयारियां आधी-अधूरी हैं। यात्रा में करीब 89.50 किलोमीटर पैदल रूट हैं।
नारायण आश्रम से कालापानी तक की दूरी कैलास यात्रियों को पैदल तय करनी होगी।
पैदल यात्रा में मुख्य रूप से सिरखा, गाला, बुंदी, गुंजी, नाभिढांग पड़ाव पड़ते हैं और यह पैदल मार्ग बेहद खराब हाल में हैं।
लमाड़ी, गर्बाधार, मांगती नाले, कालापानी, नाभिढांग, लिपूपाख समेत सात रूट डेंजर जोन में शामिल हैं। मांगती नाला से लिपुपाख मोटर मार्ग की कटिंग के चलते यहां जगह-जगह पत्थर और बजरी पड़ी है।
आईटीबीपी की सातवीं बटालियन के कमान अधिकारी केदार सिंह ने बताया कि पैदल मार्ग की स्थिति की जानकारी गृह मंत्रालय और जिला प्रशासन को पत्र भेज दे दी गई है।
उन्होंने बताया कि मांगती नाला, बुंदी और मालपा आदि स्थानों में दैवीय आपदा टीम को लगाया जाएगा। गुंजी और कालापानी में इस माह के अंत तक चिकित्सकों की टीम तैनात कर दी जाएगी।