कार्य बहिष्कार के बाद मुनस्यारी अस्पताल में प्रदर्शन करते कर्मचारी
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चार माह से वेतन नहीं मिलने से खफा पीपीपी मोड से संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुनस्यारी के कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर चले गए हैं। इससे मरीज परेशान होने लगे हैं। इस समय सिर्फ आपात सेवाओं का ही संचालन हो रहा है। अस्पताल में कार्यरत सभी डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, फार्मेसिस्ट, सफाई कर्मचारी, वार्डब्वाय, गार्ड और माली हड़ताल पर हैं। अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और कहा कि वेतन भुगतान के मामले में अस्पताल प्रबंधन ने चुप्पी साध ली है। इस अस्पताल का संचालन 2014 से बरेली का गंगाशील अस्पताल कर रहा है।
इधर, जानकारी मिली है कि सरकार ने पिछले चार महीने से अस्पताल प्रबंधन को भुगतान नहीं किया है। सरकार इस अस्पताल के संचालन के लिए गंगाशील अस्पताल प्रबंधन को प्रतिमाह 20 लाख रुपये का भुगतान करती है। अस्पताल के प्रबंधक उत्कर्ष गंगवार ने स्वीकार किया कि कर्मचारियों को चार माह से वेतन नहीं मिला है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। यह प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्दी से कर्मचारियों के वेतन का भुगतान हो जाए।
पीपीपी मोड से संचालित इस अस्पताल की व्यवस्था शुरुआत में तो काफी अच्छी रही लेकिन बाद में सारी व्यवस्थाएं चौपट होने लगी और आम लोग परेशान होने लगे हैं। यदि हड़ताल लंबी हुई तो लोगों की परेशानियां बढ़ जाएंगी।