अस्कोट में जंगली सुअरों द्वारा नष्ट की गई फसल
- फोटो : अमर उजाला
अस्कोट के कई गांवों में जंगली जानवरों के आतंक से लोग परेशान हैं। दिन में बंदर फसलों को जबरदस्त नुकसान पहुंचा रहे हैं तो रात में जंगली सुअर खेतों को खोद दे रहे हैं। इलाके के लोगों ने जंगली जानवरों पर अंकुश न लगने पर वन विभाग के साथ ही प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
अस्कोट के रसगाड़ी, बैड़ा, बगड़ीहाट, धौलाकोट, खोलियागांव, देवल, ओजपाली क्षेत्र में सुअर और बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि लोग खेती से विमुख होने लगे हैं। रात में सुअर खेतों को खोद दे रहे हैं, फसलों को रौंद दे रहे हैं तो दिन में बंदर खेती को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि घर के अंदर से भी रोटी, राशन और अन्य सामान निकालकर ले जा रहे हैं। बंदर फसलों के बीज तक खेतों से निकालकर खा जाते हैं। सब्जियों के पौधों को उखाड़ देते हैं।
रसगाड़ी की प्रधान उमा बिष्ट ने बताया कि सुअर और बंदर मडुवे को नष्ट कर दे रहे हैं। कीड़े के चक्कर में गोबर की खाद के ढेरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे गरीब किसानों के सामने भूखे मरने की नौबत आ रही है। कई बार जंगली जानवरों के आतंक का मामला वन विभाग के सामने उठा दिया गया है, लेकिन कोई भी कदम विभाग नहीं उठाता। उन्होंने कहा कि यदि विभाग और सरकार बंदर, सुअरों के आतंक से मुक्ति नहीं दिलाता है तो ग्रामीण विभाग और सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे।