पिथौरागढ़। बेस अस्पताल को जोड़ने वाली सड़क की बदहाली मरीजों के साथ ही राहगीरों और विद्यार्थियों पर भारी पड़ रही है। जगह-जगह धंसाव होने से सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर गया है। बेस अस्पताल के निर्माण कार्य से सड़क पर फैली मिट्टी कीचड़ में तब्दील हो गई है। ऐसे में गड्ढों और कीचड़ से पटी सड़क पर मरीज, राहगीर और विद्यार्थी खतरे के बीच आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं।
घंटाकरण-रई लिंक सड़क से हर रोज 50 से अधिक मरीज इलाज के लिए बेस अस्पताल पहुंचते हैं। इसी सड़क से पुनेड़ी, लिंठ्यूड़ा सहित आसपास के विद्यार्थी अपने विद्यालयों के लिए आते हैं। बेस अस्पताल के निर्माण कार्य के चलते भारी वाहनों का दबाव बढ़ने से सड़क पर जगह-जगह धंसाव होकर गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों में पानी भर गया है। इसमें वाहनों के रपटने से राहगीर, बीमार और विद्यार्थी चोटिल हो रहे हैं। बदहाल सड़क पर बीमार अस्पताल और विद्यार्थी खतरे के बीच विद्यालय जाने के लिए मजबूर हैं। लंबे समय से क्षेत्र के लोग सड़क सुधारीकरण की मांग कर रहे हैं। सुधारीकरण के लिए लोनिवि को बजट भी मिल चुका है। इसके बाद भी मरीजों और विद्यार्थियों की परेशानी को अनदेखा किया जा रहा है। बदहाल सड़क को ठीक करने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। संवाद
भारी वाहनों की आवाजाही पर नहीं लग रहा प्रतिबंध
घंटाकरण-पुनेड़ी सड़क भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित है। इसके बाद भी इस पर निर्माण सामग्री से भरे वाहन बेखौफ आवाजाही कर रहे हैं। बेस अस्पताल में डंपरों से निर्माण सामग्री पहुंचाई जा रही है। इन वाहनों का भार वहन न करने से सड़क जगह-जगह धंस गई है और इसके टूटने का खतरा बढ़ गया है। लोनिवि ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए पत्र जारी कर औपचारिकता निभाई है। अब भी सड़क पर भारी वाहन दौड़ रहे हैं।
मरीजों को अस्पताल पहुंचने के लिए करना पड़ रहा है पैदल सफर
घंटाकरण के पास बीते दिनों पार्किंग निर्माण के दौरान हुए भूस्खलन से बेस अस्पताल को जोड़ने वाली सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। सड़क सुधारीकरण के लिए इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। किसी तरह डेढ़ महीने बाद क्षतिग्रस्त सड़क को ठीक किया गया लेकिन अब भी इस पर एंबुलेंस लाने में दिक्कत हो रही है। बेस अस्पताल में हर रोज करीब 14 किडनी मरीजों की डायलिसिस होती है, जो एंबुलेंस से आवाजाही करते हैं। सड़क खराब होने से एंबुलेंस घंटाकरण से आगे नहीं बढ़ पा रही है और किडनी मरीज यहां से पैदल अस्पताल आने के लिए मजबूर हैं।
कोट
बेस अस्पताल के निर्माण कार्य के चलते सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग को भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए पत्र जारी किया गया है। निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी फैलने से सड़क पर कीचड़ हो गया है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को शीघ्र सड़क दुरुस्त करने के निर्देश दिए जाएंगे। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही सड़क का सुधारीकरण संभव है। - दिनेश जोशी, एई, लोनिवि, पिथौरागढ़।