पिथौरागढ़। दूसरों की स्वाद में मसाला घोल गंगोलीहाट ब्लॉक के ग्राम जजौली निवासी पूनम महरा अपनी आर्थिकी मजबूत कर रही हैं। स्वरोजगार कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने वाली पूनम अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं।
एनआरएलएम और रीप परियोजना से जुड़कर पूनम ने महाकाली स्वायत्त सहकारिता के माध्यम से 75 हजार, बैंक से 1.20 लाख रुपये ऋण जबकि 1.5 लाख रुपये स्वयं वहन कर मसाला व्यवसाय शुरू किया। पूनम पारंपरिक तरीकों और आधुनिक मशीनों की सहायता से हल्दी, मिर्च, जीरा, धनिया जैसे मसालों का व्यवसाय कर रही हैं। वह उच्च गुणवत्ता के मसाले तैयार करने के लिए हल्दी, मिर्च, तेजपत्ता, बड़ी इलायची, दालचीनी स्थानीय किसानों से जबकि जीरा, काली मिर्च, छोटी इलायची जैसे मसालों को बाहरी स्रोतों से खरीद रही हैं। पूनम ने अन्य महिलाओं को पैकिंग सहित अन्य कार्यों में रोजगार दिया है।
इनसेट-
सालाना साढ़े तीन लाख रुपये से ज्यादा की कर रही कमाई
आम दिनों के अलावा खास मौके जैसे शादी, नामकरण, जनेऊ संस्कारों में मसालों की अच्छी मांग रहती है। पूनम सोशल मीडिया फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप का उपयोग कर अपने उत्पादों का प्रचार कर लोगों से सीधे संपर्क कर मसालाें की बिक्री करती हैं। पूनम लगभग दो क्विंटल मसाला बेचकर प्रतिमाह 30 हजार रुपये और सालाना तीन लाख 60 हजार रुपये की आमदनी कर रही हैं। पूनम के मसालों की मांग काफी है। वह स्थानीय बाजार तक ही सीमित नहीं है। गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, पिथौरागढ़ मुख्यालय के अलावा अल्मोड़ा में मसालों की बिक्री कर रही हैं।
इनसेट-
जय काशी देवता स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं पूनम
पूनम महरा जय काशी देवता स्वयं सहायता समूह की सदस्य और महाकाली संकुल स्तरीय सहकारिता उप्राड़ा से जुड़ी हैं। पूनम को समूह बैठकों के माध्यम से रीप परियोजना की व्यक्तिगत उद्यम योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई।
कोट-
रीप परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय को दोगुना करना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इससे पलायन और बेरोजगारी में कुछ कमी आ सकेगी। -दीपक सैनी, सीडीओ, पिथौरागढ़
फोटो 06 पीटीएच 03पी- पूनम महरा