पिथौरागढ़। राज्य बनने के 25 साल बाद भी प्रदेश में कई समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है। सैकड़ों विकास कार्य सरकारी फाइलों में बंद हैं। ये काम फाइलों से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। कुछ अधिकारियों की मानसिकता काम करने की नहीं है। यदि अधिकारी ही ऐसी समस्या पैदा करेंगे तो विकास कार्य कैसे होंगे। यह बात कही भाजपा विधायक और प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने।
डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल ने नगर के एक होटल में पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कहा कि आज राज्य गठन के 25 साल हो गए हैं। प्रदेश में विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से सैकड़ों विकास कार्य सरकारी फाइलों में बंद हैं। कई अधिकारियों की मानसिकता काम करने की नहीं रह गई है। इसका सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। नतीजतन विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता इनके लाभ से वंचित हो रही है। ऐसे में फाइलों में बंद विकास कार्यों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए नियम और कानून बनाने की जरूरत है। लंबे समय से फाइलों से बाहर न आने पर इन विकास कार्यों की लागत भी बढ़ रही है और सरकार को इसका नुकसान झेलना पड़ रहा है।
उन्होंने डीडीहाट नगर में पार्किंग का उदाहरण दिया। कहा कि लोनिवि की दो सड़कों के बीच पार्किंग का निर्माण शुरू किया गया। कुछ समय बाद पार्किंग का निर्माण बंद कर दिया गया। तब शासन से पत्र भेजकर पार्किंग के लिए चिह्नित जगह को उपयुक्त न बताते हुए इसे शिफ्ट करने की बात की गई। यहां तक कि देहरादून में बैठकर अस्पताल और लोनिवि के बीच में जगह भी चिन्हित कर ली गई। जगह न होने पर यह पार्किंग अब भी अधर में लटकी है। वहीं कठपतिया-दौबांस सड़क 15 साल में सिर्फ पांच किमी काटी जा सकी है। पांच किमी सड़क के निर्माण की कार्यवाही फाइलों में बंद है और क्षेत्र की जनता जनप्रतिनिधियों से इसका जवाब मांग रही है। स्पष्ट है कि अधिकारियों की लापरवाही से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। संवाद
बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं पलायन का मुख्य कारण
पिथौरागढ़। विधायक चुफाल ने कहा कि आज प्रदेश में पलायन रोकने की बात हो रही है। सीमांत जिले से भी कई लोग पलायन कर मैदानी क्षेत्रों में बस गए हैं। पलायन की मुख्य वजह बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है। ऐसे में सरकार ने हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती इनमें होगी और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी तो निश्चित रूप से पलायन भी रुकेगा।