पिथौरागढ़/धारचूला। अंतरराष्ट्रीय जौलजीबी मेला अब पूरी तरह शबाब पर आ गया है। मेले में व्यापारिक गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। मंगलवार रात पलायन पर आधारित नाटक ने लोगाें को भावविभोर कर दिया। सरकारी तौर पर मेला शुक्रवार तक चलेगा। अलबत्ता व्यापार 30 नवंबर तक जारी रहेगा।
मेले में मंगलवार रात रं कल्याण संस्था की ओर से सीमांत के गांवों से हो रहे पलायन पर नाटक प्रस्तुत किया गया। इसमें दिखाया गया कि रोजगार और अन्य सुविधाओं के अभाव में लोग गांवों से शहर की ओर पलायन कर रहे हैं। कलाकारों ने गांवों में ही संसाधन विकसित कर रोजगार जुटाने पर जोर दिया। नाटक में पूर्व में गांवों की खुशहाली भी दिखाई गई। उन्होंने पलायन कर चुके लोगों से गांवों में लौटने की मार्मिक अपील भी की। कलाकारों ने रं और नेपाली लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। उन्होंने नेपाली लोक गीत फूल की डाली-डाली मा से समा बांध दिया। एंजिल कान्वेंट, विवेकानंद विद्या मंदिर धारचूला और बलुवाकोट के छात्र-छात्राओं ने भी प्रस्तुति दी। जीजीआईसी धारचूला की छात्राओं ने मेला क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया।
व्यापार संघ अध्यक्ष धीरेंद्र धर्मशक्तू की ओर से नेपाली लोकनृत्य की संध्या का आयोजन किया गया। इसमें लोक गायिका उमा खनाल, पुष्पा बोहरा, कृष्णा धामी ने अपने कार्यक्रमों से खूब वाहवाही लूटी। संचालन करन सिंह थापा ने किया। कार्यक्रम में रं कल्याण संस्था के अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल, महासचिव राम सिंह ह्यांकी, डॉ. रवि पतियाल, प्रेमा कुटियाल, अंजू रौंकली, उर्मिला गुंज्याल, शंकर दत्त भट्ट समेत कई लोग मौजूद रहे।
मेले में खूब हो रही खरीदारी
जौलजीबी। अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मेले में ऊनी वस्त्रों, रजाई, तिब्बती कंबल, शॉल, पंखी, थुलमा, चुटका, जैकेट, साबर के जूते आदि के साथ ही लकड़ी से बनी सामग्री, राजमा और अन्य स्थानीय उत्पाद, जड़ीबूटियों आदि की खूब खरीदारी हो रही है। अस्कोट, डीडीहाट, भागीचौरा, थल, मुनस्यारी, बेड़ीनाग, पिथौरागढ़ आदि जगहों से लोग खरीदारी करने पहुंच रहे हैं।