जिले में रविवार की रात हुई मूसलाधार बारिश से पिथौरागढ़-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात 10 घंटे बाधित रहा। पिथौरागढ़ से तवाघाट के बीच इस मार्ग पर पांच स्थानों पर मलबा पट गया और बड़े-बड़े पत्थर मुख्य सड़क पर आ गए। सीमा सड़क संगठन ने सोमवार की सुबह से सड़क से मलबा और पत्थर हटाने का काम शुरू किया। सुबह करीब दस बजे इस रोड पर यातायात शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली। इस दौरान मार्ग पर दोनों तरफ से दर्जनों वाहन और सैकड़ों यात्री फंसे रहे। पिथौरागढ़-तवाघाट मार्ग की हालत इतनी खराब हो गई है कि हल्की बारिश में ही मलबा गिरना शुरू हो जा रहा है।
सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों ने बताया कि दोबाट, लखनपुर, गुड़ौली, बंदरलीमा, खिरचना के पास रात में करीब 12 बजे मलबा गिर गया था। रात में इस रोड पर वाहनों का संचालन नहीं होता। सोमवार सुबह पांच बजे से जैसे ही वाहनों की आवाजाही शुरू हुई तो कई जगह आए मलबे ने वाहनों के पहिए रोक दिए। पिथौरागढ़ से धारचूला, डीडीहाट, मुनस्यारी को जाने वाले वाहन गुड़ौली से आगे नहीं बढ़ पाए, जबकि धारचूला से पिथौरागढ़ को जाने वाले वाहन लखनपुर में ही रुक गए। सीमा सड़क संगठन ने सभी स्थानों पर मलबा हटाने के लिए जेसीबी आदि मशीनों का उपयोग किया। सीमा सड़क संगठन के द्वितीय कमान अधिकारी आरबी अग्रवाल ने बताया कि सभी जगह मलबा, पत्थर हटाने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। इसी कारण काम जल्दी पूरा हो पाया। बारिश के मौसम को देखते हुए सभी संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी और मजदूर तैनात किए गए हैं।
इन सड़कों पर यातायात अभी बंद
पिथौरागढ़। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार इस समय जिले की आठ सड़कों पर यातायात बंद है। इनमें कोटा-पंद्रपाला, तवाघाट-कंज्योति, तवाघाट-पांगला, बलुवाकोट-पय्यांपौड़ी, नाचनी-बांसबगड़, मसूरीकांठा-होकरा, झूलाघाट-तालेश्वर, मदकोट-दारमा रोड शामिल हैं। इन सड़कों पर पिछले 15 दिनों से वाहनों का आवागमन ठप है।
काली और गोरी चेतावनी स्तर के करीब
पिथौरागढ़। लगातार हो रही बारिश से महाकाली और गोरी नदियों का जलस्तर चेतावनी के निशान के करीब पहुंच गया है। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार महाकाली का जलस्तर सोमवार को 888.85 मीटर मापा गया। महाकाली में चेतावनी के निशान 889 मीटर पर लगा है। गोरी का जलस्तर सोमवार को 605 मीटर रहा। गोरी में चेतावनी का निशान 606.8 मीटर पर है।