पिथौरागढ़ जिले के स्थापना दिवस पर आयोजित गोष्ठी में मौजूद लोग
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जिले की 58वीं वर्षगांठ पर समाजसेवी जुगल किशोर पांडे की पहल पर अतीत एवं वर्तमान की चुनौती विषय पर हुई गोष्ठी में पिथौरागढ़ को पिठौरागढ़ के रूप में मान्यता देने की मांग उठी है। पर्यटन विकास के क्षेत्र में कदम बढ़ाने और धारचूला, मुनस्यारी कालीन उद्योग को पहचान दिलाने की दरकार बताई गई। वर्षगांठ पर ग्रीनवैली पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
नगरपालिका हाल में हुई गोष्ठी में शिक्षाविद् पद्मा दत्त पंत ने कहा कि अतीत में पिथौरागढ़ को पिठौरागढ़ नाम से जाना जाता था। लिहाजा इसे पिठौरागढ़ के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए। एसपी अजय जोशी ने कहा पर्यटन की अपार संभावनाओं वाले जिले को नई पहचान दिलाने की आवश्यकता है। शिक्षाविद् डा. अशोक जोशी ने कहा कि विकास की संभावनाएं जिले को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। वरिष्ठ पत्रकार बीडी कसनियाल ने कहा कि धारचूला और मुनस्यारी के परंपरागत कालीन उद्योग को पहचान दिलाने की आवश्यकता है।
पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती ने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के बेहतर तालमेल से ही विकास संभव है। गोष्ठी में डॉ, परमानंद चौबे, बीडी न्यौलिया, डीएन भट्ट, प्रेम सिंह बिष्ट, डॉ. बीएस गोबाड़ी, डॉ. विपिन जोशी, लक्ष्मण सिंह बसेड़ा, ऋषेंद्र महर आदि मौजूद थे। संचालन जुगल किशोर पांडे ने किया।
सीयूमो ने केक काटा
पिथौरागढ़। जिले की वर्षगांठ पर सीमांत यूथ मोर्चा (सीयूमो) ने केक काटकर खुशी मनाई। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील खत्री के नेतृत्व में सिमलगैर में एकत्र लोगों ने एक-दूसरे को जिला गठन की वर्षगांठ की बधाई दी। खत्री ने कहा कि जिले के विकास के लिए और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। इस दौरान राहुल खत्री, नरेंद्र ग्वाल, सुरेश जोशी, राकेश वर्मा, शंकर राम, कैलाश कठायत, नवीन शर्मा, गौतम लोहनी आदि मौजूद थे।